उत्तराखंड के हल्द्वानी पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge)की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह घटना अगस्त में हुई थी और FIR लगभग एक महीने बाद सोमवार को दर्ज की गई।
8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की कांग्रेस रैली हुई थी। 10 अगस्त को स्थानीय संगठन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने मैदान की सफाई और ‘शुद्धि यज्ञ’ करवाया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता का कृत्य बताया, क्योंकि खरगे अनुसूचित जाति से हैं।
संगठन ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ मैदान की सफाई और धार्मिक-सांस्कृतिक पवित्रता बहाल करना था उन्होंने किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव से इनकार किया।
हल्द्वानी कोतवाली में सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अंजू की शिकायत पर FIR दर्ज हुई। इसमें एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) (जातिगत अपमान)
भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 (समूहों के बीच वैमनस्य और धार्मिक भावना आहत करना) शामिल हैं। कोई नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
नैनीताल एसएसपी ने बताया कि पूरे राज्य से करीब 80 शिकायतें और याचिकाएं आई थीं। जांच वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है।
दिल्ली में दलित कांग्रेस सांसदों के एक समूह ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। कांग्रेस ने इसे अस्पृश्यता का मामला बताया। इससे पहले खड़गे ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया था और जेपी नड्डा को पत्र लिखा था। वहीं राहुल गांधी के खिलाफ जाति का रंग देने के आरोप में पहले FIR दर्ज हो चुकी है।










