जातिगत जनगणना की प्रक्रिया पर कांग्रेस न खड़े किए सवाल

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने देश में जारी जातिगत जनगणना(Caste Census) की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद मोदी सरकार द्वारा जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप में ड्रॉपडाउन सूची के बजाय ओपन-एंडेड सवाल रखना एक बेहद गंभीर खामी है। महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि लगता है प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि जनगणना में एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपजातियां और वर्तनी दर्ज हों ताकि जातिगत जनगणना की पूरी प्रक्रिया विफल हो जाए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सही तरीके से जातिगत जनगणना कराने की पार्टी की प्रमुख मांगों के साथ इस विषय पर संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा, जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
दोनों वरिष्ठ नेताओं ने 20 अगस्त को लिखे इस पत्र में जातिगत जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी।

राहुल गांधी के पत्र में मांग की गई थी कि मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने। तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह पहले से तैयार एवं प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है।

पत्र में नई प्रश्नावली के लिए राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से व्यापक परामर्श करने की भी मांग की गई थी।कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पिछले चार दिनों में देशभर में 17 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपरोक्त मांगों के साथ जातिगत जनगणना कराने की मांग दोहराई हैं।

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