कानपुर। देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी (Kiran Bedi) ने कानपुर दौरे के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। रोटरी क्लब ऑफ कानपुर ग्रेटर के 31वें अधिष्ठापन समारोह में शामिल होने पहुंचीं किरण बेदी ने कहा कि “बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना मेरी जिंदगी की बड़ी भूल थी। ऐसी गलती दोबारा नहीं कर सकती।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजनीतिक दलों में पूर्व नौकरशाहों और चर्चित हस्तियों की सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है। किरण बेदी की टिप्पणी को राजनीतिक विश्लेषक गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के चुनावी राजनीति के अनुभव के संदर्भ में भी देख रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक पर टिप्पणी से किया इनकार
कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने कॉकरोच जनता पार्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन पर उनकी राय जाननी चाही तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इन लोगों को फॉलो नहीं करती, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।”
दिल्ली जिमखाना क्लब को लेकर जताई नाराजगी
डॉ. किरण बेदी ने केंद्र सरकार के दिल्ली जिमखाना क्लब खाली कराने के फैसले पर अपनी पुरानी नाराजगी भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यह क्लब उनके जीवन की यादों से जुड़ा रहा है और इस फैसले की जानकारी मिलने पर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे किसी ने उन्हें उनके अपने घर से बेदखल कर दिया हो।
उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में अमृतसर से टेनिस प्रतियोगिताओं के लिए दिल्ली आने के दौरान उनका इस क्लब से जुड़ाव शुरू हुआ था। बाद में दिल्ली में उनकी पहली पोस्टिंग असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी के रूप में हुई, तब भी यह क्लब उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा था।
इंदिरा गांधी की कार का चालान करने का किस्सा सुनाया
कानपुर में अपने संबोधन के दौरान किरण बेदी ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनाती के समय की एक चर्चित घटना भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब वह ट्रैफिक डीसीपी थीं, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए खड़ी थी। पहले चालक को वाहन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन ऐसा नहीं होने पर क्रेन बुलाकर कार हटाई गई और नियमानुसार चालान भी किया गया।
उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और नियमों के पालन में किसी भी पद या व्यक्ति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
साइबर अपराध पर जागरूकता को बताया सबसे बड़ा हथियार
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर किरण बेदी ने कहा कि केवल कानून पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता और डिजिटल शिक्षा भी जरूरी है। उनके अनुसार, अपराधी अपना काम करने की कोशिश करेंगे, लेकिन सतर्क रहना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
डॉ. बेदी ने कानपुर की बेहतर होती हवाई कनेक्टिविटी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली से कानपुर आने के लिए लखनऊ उतरकर सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता था, जबकि अब सीधी उड़ान उपलब्ध होने से यात्रा काफी आसान हो गई है। उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में आए सुधार की भी सराहना की।
77 वर्ष की उम्र में शुरू किया नया स्टार्टअप
किरण बेदी ने बताया कि उन्होंने अपने 77वें जन्मदिन पर ‘भारत स्किल एक्सचेंज’ नाम से एक नया स्टार्टअप शुरू किया है। इसका उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना और रोजगार से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करना है।
डॉ. किरण बेदी के इस दौरे में राजनीति, प्रशासन, कानून के समान अनुपालन, डिजिटल सुरक्षा और युवा कौशल विकास जैसे कई विषयों पर उनके विचार सामने आए। वहीं, भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने को लेकर दिया गया उनका बयान राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।









