लेंस डेस्क। तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने हैदराबाद में तैनात एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) को आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान संकीरेड्डी भीम रेड्डी के रूप में हुई है। वे पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज विभाग में कार्यरत थे। एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार शाम भीम रेड्डी को गिरफ्तार किया।
इससे पहले एजेंसी ने उनके घर और 16 अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इनमें तेलंगाना और कर्नाटक के अलग-अलग स्थान शामिल थे। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि आरोपी DSP ने अपनी नौकरी के दौरान भ्रष्टाचार के जरिए करीब 300 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जमा की है।
गुप्त डायरी से खुला राज
जांच में सबसे अहम सबूत एक हस्तलिखित डायरी मिला है। यह डायरी DSP ने मई में चार धाम यात्रा से पहले लिखी थी। इसमें अपनी अवैध संपत्तियों, निवेशों, कर्ज और बेनामीदारों के नामों की पूरी लिस्ट थी। DSP ने इस डायरी की स्कैन कॉपी व्हाट्सएप पर अपने दोनों बेटों को भी भेजी थी। ACB अधिकारियों के अनुसार, इस डायरी ने पूरे नेटवर्क को ट्रैक करने में बहुत मदद की है।
बरामद हुई संपत्तियां
छापेमारी में कई आलीशान संपत्तियां मिली हैं –
हैदराबाद में: इब्राहिमबाग (वेसला मीडोज) में लग्जरी विला, टेलीकॉम नगर में जी+2 मकान और फ्लैट, गाचीबोवली और मणिकोंडा में फ्लैट्स, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हिस्सेदारी।
कर्नाटक में: बेंगलुरु के देवनहल्ली समेत कुल 44 एकड़ जमीन।
तेलंगाना के विभिन्न इलाकों में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि।
अन्य: 2 किलो सोने के आभूषण, 20 किलो चांदी, 43 लाख रुपये से ज्यादा नकद, बैंक बैलेंस और एक कंपनी में निवेश।
DSP को मिली न्यायिक हिरासत
तलाशी के दौरान भीम रेड्डी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया फिलहाल वे चंचलगुडा जेल में हैं। ACB अब उनके बैंक लॉकर खोलने और डायरी में उल्लेखित 15 से ज्यादा बेनामीदारों की जांच कर रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो का कहना है कि DSP ने संदिग्ध तरीके से बहुत ज्यादा संपत्ति बनाई, जो उनकी वैध आय से कहीं ज्यादा है। जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।








