NEET पेपर लीक मामले में भाजपा नेता गिरफ्तार, परिवार के कई बच्चे पूर्व के क्वालीफाई

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नई दिल्ली। राजस्थान में एक सक्रिय भाजपा नेता देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) से जुड़े पेपर लीक घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी से सोशल मीडिया पर बड़ा राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। आरोपियों में शामिल दिनेश बिनवाल की कई सीनियर भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें छाई हुई हैं।

जांचकर्ताओं का दावा है कि भाजपा नेता दिनेश बिनवाल और उनके भाई मंगीलाल जयपुर जिले के जामवा रामगढ़ के निवासी ने 26-27 अप्रैल के बीच पेपर लगभग 30 लाख रुपये में खरीदा था।दिनेश ने कथित तौर पर पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में नीट की तैयारी कर रहा था, और फिर 29 अप्रैल को इसे कई अन्य उम्मीदवारों तक पहुंचाया।

जानकारी मिली है कि दोनों भाई इस ऑपरेशन के लिए सीकर गए थे। जांचकर्ता पिछले साल की नीट परीक्षा से भी संभावित लिंक की जांच कर रहे हैं। खास बात यह है कि दिनेश बिनवाल के परिवार के चार बच्चे पिछले साल नीट क्वालीफाई कर चुके थे। सूत्रों का कहना है कि जांच में पिछले साल की परीक्षा से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, दिनेश ने लीक पेपर सीकर में कई लोगों को बेचा, जिनमें हॉस्टल ऑपरेटर्स और कंसल्टेंसी फर्म्स शामिल हैं। जांच से पता चला है कि यह रैकेट कोचिंग हब में गहराई तक फैला हुआ था, जहां संस्थान प्रशासक, छात्र और मध्यस्थ व्हाट्सएप ग्रुप्स और चैनलों के जरिए लीक सामग्री फैला रहे थे।जांच में एक अन्य आरोपी राकेश मंडावरिया भी सामने आया।

राकेश सीकर में एक कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी ऑफिस चलाता था और काउंसलिंग से जुड़ा था। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसे परीक्षा से कई दिन पहले पेपर मिल गया था। एसओजी ने बाद में उसे और उसके साथियों को देहरादून से हिरासत में लिया। अधिकारियों को शक है कि उसने पेपर दिनेश बिनवाल के जरिए हासिल किया था।

जांचकर्ताओं के मुताबिक राकेश ने पेपर न केवल छात्रों बल्कि पीजी ऑपरेटर्स और कोचिंग फैकल्टी में भी बांटा। एजेंसियां अब इस रैकेट में शामिल लाभार्थियों की सही संख्या पता लगाने में जूझ रही हैं।केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब औपचारिक रूप से मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।

मंगलवार रात सीबीआई की टीम जयपुर में एसओजी मुख्यालय पहुंची और जांच से जुड़े विवरण इकट्ठा किए। अब तक एसओजी ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि विपक्ष का दावा है कि 45 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया या पूछताछ की गई है।

एक भाजपा नेता के अब इस साजिश में फंसने के बाद विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोल दिया है। विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि सरकार, जिसने पहले पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था, अब अपने ही राजनीतिक दायरे में आरोपों का सामना कर रही है।

पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विपक्ष के नेता टीकाराम जुल्ली ने सवाल उठाया है कि क्या सरकार ने आरोपी के भाजपा से जुड़े होने के कारण मामले को दबाने की कोशिश की।

एक्स पर एक पोस्ट में गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार ने 11 मई से बार-बार सवाल उठने के बावजूद जानबूझकर एफआईआर दर्ज नहीं की। ‘नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दिनेश बिनवाल भाजपा पदाधिकारी हैं। क्या यही वजह है कि भाजपा सरकार ने मामले को छिपाने की कोशिश की और एफआईआर दर्ज नहीं की?’

गहलोत ने लिखा कि ‘भाजपा का राज अब खुल गया है।’

कांग्रेस ने बुधवार को राजस्थान भर में प्रदर्शन किए। जयपुर और अन्य जिलों में पार्टीजा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके और उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।भाजपा ने अब तक दिनेश बिनवाल की गिरफ्तारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है।

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