पीएम मोदी के आवाहन पर राज्य सरकारों ने की वाहनों के पूल में कटौती

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi’s appeal) ने मई 2026 में पश्चिम एशिया के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के संदर्भ में देशवासियों से ईंधन संरक्षण की अपील की। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो, कारपूलिंग, वर्क-फ्रॉम-होम, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन तथा अनावश्यक सोने की खरीदारी टालने जैसे सात सूत्री आह्वान किए।

इस आह्वान को व्यावहारिक रूप देने के लिए पीएम मोदी ने स्वयं अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने के निर्देश दिए। एसपीजी प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक सुरक्षा बनाए रखते हुए काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत घटाई गई है तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

इस केंद्रीय पहल का असर विभिन्न राज्य सरकारों पर तुरंत दिखा। विशेष रूप से भाजपा शासित राज्यों ने त्वरित कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी तथा विभागीय अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत वाहनों की कटौती की जाए। अनावश्यक वाहनों को हटाया गया तथा जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की गई। यह कदम ईंधन बचत के साथ सरकारी व्यय में मितव्ययता लाने का भी हिस्सा है।

दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीएम के आह्वान पर विभागीय कामकाज के लिए सरकारी वाहनों की संख्या सीमित करने का बड़ा फैसला लिया। मंत्रियों, विधायकों तथा अधिकारियों को कारपूलिंग पर जोर दिया गया। सरकारी फ्लीट का अनावश्यक उपयोग रोका गया तथा मेट्रो तथा सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी गई।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक में राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल बचत की अपील की और अपने काफिले में 13 वाहनों की जगह 8 वाहन रखने का आदेश जारी किया। आगे के आदेश तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। भ्रमण के दौरान वाहन रैली आयोजित नहीं करने तथा मंत्रियों से भी न्यूनतम वाहनों का उपयोग करने को कहा गया।


राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने तथा सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए।अन्य राज्यों में भी इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। कई मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों को छोटा किया तथा अधिकारियों को वाहन उपयोग पर संयम बरतने की सलाह दी।

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