ORS बनाम इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स : आपके बच्चे की जान का सवाल

हर माँ-बाप के लिए अपने बच्चे की सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। खासकर जब छोटे बच्चे को डायरिया या उल्टी हो जाए, तो मन में एक ही सवाल आता है ‘बच्चा डिहाइड्रेट न हो जाए, इसके लिए क्या दें?’ बहुत से माता-पिता बाजार से चमकदार पैकेट वाली इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स लाकर बच्चे को पिला देते हैं, यह सोचकर कि यह ORS है। लेकिन यह गंभीर भूल हो सकती है। Indian Academy of Pediatrics (IAP) ने साफ चेतावनी दी है — इन ड्रिंक्स को ORS का विकल्प कभी न बनाएं। गलत ब्रांडिंग की वजह से हजारों माता-पिता भ्रम में हैं और अनजाने में अपने बच्चों की हालत और बिगाड़ रहे हैं। ORS vs. electrolyte drinks

ORS की खोज — एक भारतीय गौरव

ORS की कहानी महज एक दवा की नहीं, बल्कि एक ऐसी क्रांति की है जिसने लाखों बच्चों की जान बचाई। 1960 के दशक में कोलकाता में हैजा (Cholera) महामारी के दौरान डॉ. दिलीप महलानाबिस और उनकी टीम ने एक साहसी प्रयोग किया। जब IV fluids (नसों में चढ़ाया जाने वाला तरल) उपलब्ध नहीं था, तब मुँह से पिलाने वाला घोल — ORS — जान बचाने का एकमात्र विकल्प बन गया।

1971 में बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान शरणार्थी शिविरों में इस थेरेपी का बड़े पैमाने पर प्रयोग हुआ। हैजे में मृत्यु दर 30% से घटकर 3% से भी नीचे आ गई। द लैंसेट पत्रिका ने इसे ’20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा खोज’ कहा। गौरतलब है कि डॉ. दिलीप महलानाबिस को ‘ORS के पिता’ के रूप में जाना जाता है। WHO ने 1975 में ORS को वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रम का हिस्सा बनाया।

डायरिया में शरीर क्या खोता है? — द्रव हानि की संरचना

डायरिया केवल ‘पानी की कमी’ नहीं है। दस्त के साथ शरीर से पानी के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिज लवण (electrolytes) भी बाहर निकल जाते हैं। बच्चों में यह प्रक्रिया बहुत तेज़ होती है क्योंकि उनके शरीर में कुल जल-अनुपात अधिक होता है और वे तेज़ी से डिहाइड्रेट होते हैं। एक बच्चे को तीव्र डायरिया में प्रति घंटे 10–20 मिली/किलो वजन के हिसाब से द्रव हानि हो सकती है। हैजे जैसे गंभीर मामलों में यह 1 लीटर प्रति घंटे तक भी पहुँच सकती है।

डायरिया के मल में खोए तत्व (अनुमानित मूल्य प्रति लीटर):
• सोडियम (Na⁺): 40–140 mmol — तंत्रिका तंत्र और कोशिकाओं के कार्य के लिए अत्यंत आवश्यक
• पोटैशियम (K⁺): 10–40 mmol — हृदय और मांसपेशियों की क्रियाशीलता हेतु
• बाइकार्बोनेट (HCO₃⁻): 30–50 mmol — शरीर का pH संतुलन बनाए रखता है
• क्लोराइड (Cl⁻): 40–100 mmol — कोशिकाओं में द्रव संतुलन
• पानी: 800–1000 ml प्रति लीटर मल — मूल कारण

नोट – केवल पानी पिलाने से electrolytes नहीं मिलते। इससे ‘Dilutional Hyponatremia’ (सोडियम का घुलनशील ह्रास) हो सकता है, जो दौरे और कोमा का कारण बन सकता है।

डिहाइड्रेशन की पहचान — माता-पिता के लिए गाइड

बच्चे में डिहाइड्रेशन कितना गंभीर है, यह समझना जरूरी है ताकि सही समय पर सही कदम उठाया जा सके:

अन्य महत्वपूर्ण संकेत: त्वचा को चुटकी में उठाने पर 2 सेकंड से अधिक समय लगना (Skin Pinch Test), आँसू न आना, फॉन्टेनेल (शिशु के सिर का मुलायम हिस्सा) का धँसना।

असली ORS क्या है? — WHO फॉर्मूला और विज्ञान

ORS (Oral Rehydration Solution) कोई साधारण पेय नहीं है। यह एक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध अनुपात में तैयार घोल है जो आंत की कोशिकाओं के जैव-रासायनिक तंत्र को सक्रिय करता है।

WHO Low-Osmolarity ORS की संरचना (प्रति 1 लीटर पानी में):

SGLT-1 और सह-परिवहन का चमत्कार — ORS में 20 ग्राम ग्लूकोज क्यों?

यह ORS का सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक रहस्य है — जो इसे अन्य सभी पेय पदार्थों से अलग करता है।
SGLT-1 (Sodium-Glucose Cotransporter 1) — छोटी आंत का द्वारपाल

छोटी आंत (Small Intestine) की कोशिकाओं की सतह पर SGLT-1 नामक एक विशेष प्रोटीन-वाहक होता है। यह एक ‘सह-परिवहन’ (cotransport) प्रणाली पर काम करता है:

• यह एक साथ 1 अणु ग्लूकोज और 2 अणु सोडियम को कोशिका के अंदर खींचता है
• जैसे ही सोडियम कोशिका में जाता है, पानी भी उसके पीछे-पीछे osmosis से खिंच जाता है
• यह तंत्र डायरिया में भी काम करता रहता है, जबकि अन्य अवशोषण तंत्र बंद हो जाते हैं

यही कारण है कि ORS का एक पैकेट (जिसमें लगभग 13.5 ग्राम ग्लूकोज होता है) 1 लीटर पानी के लिए बनाया जाता है। यह अनुपात SGLT-1 की अधिकतम क्षमता के अनुसार है — न कम, न ज्यादा।

SGLT-4 की भूमिका

SGLT-4 मुख्यतः बड़ी आंत (Colon) में पाया जाता है और fructose तथा mannose का परिवहन करता है। डायरिया में इसकी भूमिका सीमित है, लेकिन ‘Super ORS’ में अमीनो एसिड के साथ यह भी सक्रिय होता है।
Super ORS — अगली पीढ़ी
शोध ने पाया कि आंत में ग्लूकोज के साथ-साथ कुछ अमीनो एसिड (जैसे Glycine, Alanine) के लिए भी अलग cotransporter होते हैं। इसी आधार पर ‘Super ORS’ विकसित हुई, जिसमें:
• Glycine या Alanine (50–111 mmol/L) — ये SGLT-1 के अतिरिक्त अलग मार्ग से सोडियम और पानी खींचते हैं
• Glutamine — आंत की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत में सहायता करती है
• Rice-based ORS — चावल के स्टार्च का धीमा विघटन लंबे समय तक ग्लूकोज और अमीनो एसिड प्रदान करता है

  • WHO ने Super ORS को विशेष रूप से हैजे जैसे गंभीर मामलों में अनुशंसित किया है जहाँ दस्त की मात्रा बहुत अधिक हो।

Hyperosmolarity — मीठी ड्रिंक्स का छुपा हुआ खतरा

इलेक्ट्रोलाइट स्पोर्ट्स ड्रिंक्स में चीनी की मात्रा WHO-ORS से 3–5 गुना अधिक होती है। यह Hyperosmolarity का कारण बनती है — एक ऐसी स्थिति जो डायरिया में विनाशकारी हो सकती है।

Osmolarity क्या है?

Osmolarity किसी घोल में घुले कणों की सांद्रता का माप है (mOsm/L में)। जब हम कोई द्रव पीते हैं, तो शरीर इसे अपने रक्त की Osmolarity (लगभग 285 mOsm/L) के बराबर लाने की कोशिश करता है।
• यदि घोल की Osmolarity रक्त से कम (Hypo-osmolar, जैसे WHO-ORS ~245) — तो पानी आंत से रक्त में आसानी से जाता है ✔
• यदि घोल की Osmolarity रक्त के बराबर (Iso-osmolar, ~285–300) — तो संतुलन बनता है
• यदि घोल की Osmolarity रक्त से अधिक (Hyper-osmolar, जैसे स्पोर्ट्स ड्रिंक ~400–500) — तो शरीर का पानी आंत में खिंचता है, दस्त बढ़ती है ✗

High-sugar sports drinks डायरिया में ‘Osmotic Diarrhea’ बढ़ा सकती हैं। बच्चे की हालत और बिगड़ सकती है।

Sucrose बनाम Glucose — क्यों अंतर पड़ता है?

कई ‘ORS जैसी’ ड्रिंक्स में ग्लूकोज की जगह Sucrose (साधारण चीनी = ग्लूकोज + फ्रक्टोज का अणु) होती है। डायरिया में Sucrase एंजाइम की कार्यक्षमता घट जाती है, इसलिए:
• Sucrose का विभाजन (hydrolysis) धीमा हो जाता है
• अविभाजित Sucrose आंत में ही रह जाती है और Osmolarity बढ़ाती है
• SGLT-1 केवल ग्लूकोज पहचानता है — Sucrose को नहीं
• इसलिए WHO फॉर्मूले में केवल Glucose (Anhydrous) का उपयोग किया जाता है

मात्रा और खुराक — छोटी घूंट से काम नहीं चलता
ORS एक ‘स्वाद’ नहीं है जो थोड़ा-थोड़ा पिया जाए। यह एक चिकित्सकीय हस्तक्षेप है जिसकी सटीक मात्रा और गति महत्वपूर्ण है।
WHO का ORS प्रोटोकॉल (Plan A — हल्का डिहाइड्रेशन):
• 5 वर्ष से कम बच्चा: प्रत्येक दस्त के बाद 50–100 मिली ORS
• 5–12 वर्ष: प्रत्येक दस्त के बाद 100–200 मिली
• 12 वर्ष से अधिक / वयस्क: प्रत्येक दस्त के बाद 200–400 मिली
• कुल 24 घंटे में: बच्चे के वजन × 75 मिली (मध्यम डिहाइड्रेशन के लिए)

  • स्पोर्ट्स ड्रिंक की 150–200 मिली की एक serving न तो पर्याप्त मात्रा में electrolytes देती है, न ही सही अनुपात में — यह ‘प्यास बुझाने’ के लिए है, डायरिया के इलाज के लिए नहीं।
    ORS को चम्मच से, धीरे-धीरे पिलाएँ। उल्टी की स्थिति में 2–3 मिनट रुककर फिर शुरू करें। जल्दबाजी में ज्यादा पिलाने से उल्टी हो सकती है।

ORS तैयार करने, भंडारण और देने में स्वच्छता

ORS का सही फॉर्मूला होना जरूरी है, लेकिन उसे सही तरीके से तैयार न किया जाए तो यह लाभकारी की बजाय हानिकारक हो सकता है।
तैयारी (Preparation):
• हमेशा उबला हुआ और ठंडा किया हुआ पानी उपयोग करें — कच्चा नल का पानी नहीं
• WHO-ORS का एक पूरा पैकेट पूरे 1 लीटर पानी में घोलें — आधे पानी में नहीं (इससे Hyperosmolarity बढ़ती है)
• घोल बनाने से पहले हाथ साबुन से धोएँ
• बर्तन साफ और उबले हुए पानी से धुले हों

ORS पैकेट का पाउडर आधे लीटर पानी में घोलने की गलती सबसे आम है। यह Osmolarity दोगुनी कर देती है और बच्चे को नुकसान पहुँचाती है।

भंडारण (Storage):
• तैयार ORS घोल को 24 घंटे के भीतर उपयोग करें
• घोल को ढककर ठंडी जगह (या फ्रिज में) रखें
• 24 घंटे बाद बचा हुआ घोल फेंक दें और नया बनाएँ
• गर्मी और धूप से दूर रखें — ये घोल की संरचना बदल सकते हैं

देना (Administration):
• ORS को कभी भी गर्म न करें — इससे ग्लूकोज और electrolytes की संरचना बिगड़ सकती है
• छोटे बच्चों को चम्मच या dropper से पिलाएँ — सीधे बोतल से नहीं
• स्तनपान जारी रखें — ORS के साथ-साथ माँ का दूध भी बंद न करें
• ORS देते समय Zinc supplement (20 mg/दिन, 14 दिन) भी डॉक्टर की सलाह पर शुरू करें

घरेलू विकल्प — सीमाएँ और उपयोगिता

जब ORS का पैकेट उपलब्ध न हो, तो कुछ घरेलू विकल्प अस्थायी रूप से उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन इनकी अपनी सीमाएँ हैं:

घर पर ORS बनाने का WHO-अनुमोदित तरीका:
• 1 लीटर उबला और ठंडा पानी
• 6 चम्मच (30 मिली) चीनी
• ½ चम्मच नमक

  • यह घरेलू ORS ‘अनुमानित’ है — इसमें पोटैशियम और बाइकार्बोनेट नहीं होते। इसे केवल तब तक उपयोग करें जब तक WHO-ORS पैकेट न मिले।
    चावल का माँड (Rice Starch Water) — एक प्रभावी विकल्प:
    ICDDR,B (Dhaka) के शोध ने सिद्ध किया कि Rice-based ORS में मानक ORS की तुलना में दस्त की मात्रा 30% तक कम होती है। चावल के starch का धीमा पाचन SGLT-1 को लंबे समय तक सक्रिय रखता है और आंत को पोषण भी देता है। हालाँकि, घर पर बनाए चावल के माँड में electrolyte अनुपात अनिश्चित होता है।

IAP की चेतावनी और FSSAI का 2025 का नियम

Indian Academy of Pediatrics की 28 सदस्यीय एक्सपर्ट कमिटी ने स्पष्ट किया है:
• ORS और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं
• ‘ORS’ शब्द केवल WHO फॉर्मूले पर खरी उतरने वाली दवाओं के लिए है
• ORSL, Glucon-D, Frooti, Limca, या अन्य कोई भी flavored drink डायरिया में नहीं दी जानी चाहिए
हैदराबाद की डॉ. सिवरंजनी संतोष ने 8 वर्षों तक इस मुद्दे पर अकेले लड़ाई लड़ी। उन्होंने PIL दायर की और नैदानिक साक्ष्य इकट्ठे किए जिसमें गलत ड्रिंक्स से बच्चों में डिहाइड्रेशन बढ़ने के मामले सामने आए।

  • FSSAI ने 2025 में नियम जारी किए: जो पेय पदार्थ WHO के Low-Osmolarity ORS फॉर्मूले के अनुसार नहीं बने हैं, वे अपने लेबल पर ‘ORS’ या ‘Oral Rehydration Solution’ शब्द का उपयोग नहीं कर सकते।
    भारत में डायरिया अभी भी पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। WHO के अनुसार सही ORS से इन मौतों का एक बड़ा हिस्सा रोका जा सकता है।

माता-पिता के लिए मार्गदर्शिका

✔ क्या करें:
• हमेशा घर में WHO-ORS पैकेट रखें — पहले 4 घंटों में ORS शुरू कर देना जानलेवा जटिलताओं से बचा सकता है
• पैकेट पर WHO या IAP का अनुमोदन देखें
• डायरिया के पहले लक्षण पर ORS शुरू करें, डॉक्टर की राह न देखें
• स्तनपान जारी रखें
• बच्चे को बार-बार थोड़ा-थोड़ा ORS पिलाएँ
• Zinc supplement डॉक्टर की सलाह से दें — यह दस्त की अवधि और गंभीरता घटाता है

✗ क्या न करें:
• फ्लेवर्ड इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स, ORSL, Glucon-D, Frooti, Limca डायरिया में न दें
• ORS पैकेट आधे पानी में न घोलें
• दस्त बंद करने की दवाएँ (Antidiarrheals) बिना डॉक्टर की सलाह के न दें — ये आंत में संक्रमण फँसा सकती हैं
• ठोस खाना बंद न करें — BRAT diet (Banana, Rice, Applesauce, Toast) जारी रखें

तुरंत अस्पताल जाएँ यदि:
• बच्चा बेहोश हो या बहुत सुस्त हो
• आँखें अंदर धँसी हों, आँसू न आएँ
• 24 घंटे में पेशाब न हुई हो
• उल्टी इतनी हो कि ORS अंदर न जाए
• मल में खून आए
• बुखार 102°F से अधिक हो

ORS एक साधारण नमक-शक्कर का घोल नहीं है, यह जैव-रसायन की एक सटीक कृति है जिसने करोड़ों जानें बचाई हैं। SGLT-1 के माध्यम से sodium-glucose cotransport का उपयोग, Hypo-osmolar संरचना का महत्व, और सही खुराक की मात्रा ये सब मिलकर ORS को अद्वितीय बनाते हैं। बाजार की चमकदार ड्रिंक्स आपके बच्चे की प्यास बुझा सकती हैं, लेकिन डायरिया में उनकी जान नहीं बचा सकतीं। सही जानकारी ही सबसे बड़ी दवा है। इस तरह की जनसरोकार से जुड़ी खबरों के लिए द लेंस पढ़ते रहें।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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