विनीत जोशी को हटाने के बाद 18 दिन कौन था देश का शिक्षा सचिव?

Vineet Joshi
23 जुलाई को नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति, 10 अगस्त को दीप्ति गौर मुखर्जी का आदेश; सरकारी आदेशों के बीच उठे सवाल

नई दिल्ली। NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में सचिव पद को लेकर हुए बदलाव ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह सवाल है कि 23 जुलाई को विनीत जोशी (Vineet Joshi) को हटाए जाने के बाद 10 अगस्त तक देश के उच्च शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी आखिर किस अधिकारी के पास थी?

दरअसल, 23 जुलाई को केंद्र सरकार ने IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को विनीत जोशी की जगह उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। इसी आदेश में विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया था।

लेकिन करीब 18 दिन बाद, 10 अगस्त को केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी कर 1993 बैच की IAS अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त कर दिया। नए आदेश में उन्हें फिर से विनीत जोशी के स्थान पर नियुक्त किया गया।

गंगवार ने पद संभाला या नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बीच 23 जुलाई को उच्च शिक्षा सचिव बनाए गए नरेश पाल गंगवार ने पद संभाला था या नहीं। 23 जुलाई के आदेश के बाद नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव बनाए जाने की खबर सार्वजनिक हुई।

रिपोर्टों के मुताबिक गंगवार की नियुक्ति को कुछ समय बाद रोक दिया गया था और उन्होंने उच्च शिक्षा सचिव के तौर पर कार्यभार नहीं संभाला। इसके बाद 10 अगस्त को दीप्ति गौर मुखर्जी की नियुक्ति की गई।

तो फिर 23 जुलाई से 10 अगस्त तक जिम्मेदारी किसके पास थी?

यहीं सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक सवाल सामने आता है।

यदि नरेश पाल गंगवार ने उच्च शिक्षा सचिव का कार्यभार संभाला ही नहीं और उनकी नियुक्ति को बाद में रोक दिया गया, तो विनीत जोशी के स्थानांतरण और दीप्ति गौर मुखर्जी की नियुक्ति के बीच विभाग की नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारी किस अधिकारी ने संभाली?

18 दिन किसे किया नियुक्त, यह पता नहीं

रिपोर्टों के अनुसार, इस अवधि के लिए किसी अलग अधिकारी को स्पष्ट रूप से उच्च शिक्षा सचिव बनाए जाने की जानकारी सावर्जनिक नहीं है। वहीं 10 अगस्त के आदेश में भी दीप्ति गौर मुखर्जी को विनीत जोशी के स्थान पर नियुक्त किया गया है, जिससे सवाल और गहरा हो जाता है।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उच्च शिक्षा विभाग NEET-UG विवाद, परीक्षा सुधार और छात्रों के प्रदर्शन जैसे कई गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है। 23 जुलाई को विनीत जोशी का तबादला और गंगवार की नियुक्ति भी छात्रों के प्रदर्शन के बीच हुई थी।

सरकार के 23 जुलाई और 10 अगस्त के दोनों आदेशों को साथ रखकर देखें तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि विनीत जोशी के हटने के बाद उन 18 दिनों में उच्च शिक्षा विभाग किसके आदेश पर चला?

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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