पत्रकार Helle Lyng की ट्रोलिंग पर उनके संपादक ने क्या कहा?

नई दिल्ली। डैग्सविसन की कमेंटेटर Helle Lyng स्वेन्डसेन ओस्लो में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने की कोशिश करने के बाद लगातार ट्रोलिंग का शिकार हो रही हैं। X पर वायरल हो गई हैं। मेडियर24 के अनुसार उन पर लगातार मोदी समर्थक ट्रोलरों द्वारा हमले किए जा रहे है। डैग्सविसन समेत नार्वे के तमाम अखबारों ने इस पर रिपोर्टिंग की है।

मेडियर24 के अनुसार,हेले के उस वीडियो को आठ मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है, जिसके वो मोदी से सवाल करती है और इसने समर्थन, आलोचना और उकसावे को जन्म दिया है। 

स्वेन्डसेन पर जासूस और कार्यकर्ता होने के आरोप लगाए गए हैं, और खबरों के अनुसार उनका फोन नंबर भी साझा किया गया है। हेले ने कहा ‘मेरा काम उन प्रभावशाली लोगों से सवाल पूछना है जो साक्षात्कार देना नहीं चाहते। मोदी ने भारत में कभी भी पूर्ण सत्र में सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम दिखाएं कि नॉर्वे में हम अपना काम कर रहे हैं’

हेले कहती हैं ‘मैंने अपने प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे से पूछा कि नॉर्वे भारत को लोकतंत्र क्यों कहता है, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में अपने देश में कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। क्या अब लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र प्रेस का महत्व नहीं रह गया है? स्टोरे ने भारत में चुनाव होने का हवाला दिया। उन्होंने प्रेस संस्कृति में अंतर को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही भारत की विशाल जनसंख्या का भी जिक्र किया।’

अखबार के प्रधान संपादक, लार्स वेस्ट जॉनसन ने मेडियर24 को बताया कि अखबार को टिप्पणीकार की सुरक्षा के बारे में कोई चिंता नहीं है। गौरतलब है कि हेले की ट्रोलिंग और रिपोर्टिंग के बाद उनका का इंस्टाग्राम और फेसबुकएकाउंट बैन कर दिया गया है। इसकी सूचना खुद हेले ने दी है।

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