पानी की समस्या पर किसानों का उबाल: सिंचाई अधिकारी को बनाया बंधक

April 24, 2025 1:48 AM
WATER ISSUE AT GARIYABAND

WATER ISSUE : गरियाबंद, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के बेलर गांव में पानी की भीषण कमी के चलते किसानों का गुस्सा बुधवार, 23 अप्रैल, 2025 को फूट पड़ा। सैकड़ों किसानों ने सिंचाई विभाग के एक अधिकारी को घंटों तक कार्यालय में बंधक बनाकर रखा। पानी की कमी से जूझ रहे किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता तब तक अधिकारी को रिहा नहीं किया जाएगा।

किसानों की मांग और प्रदर्शन

किसानों का कहना है कि नहरों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा। एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा, “हम दिन-रात पानी के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हमें सिर्फ आश्वासन मिलते हैं। हमारी फसलें मर रही हैं, हमारी आजीविका दांव पर है। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक हमें स्थायी समाधान नहीं मिलता।” किसानों ने आंदोलन को और तेज करते हुए कहा कि वे बिना समाधान के अधिकारी को नहीं छोड़ेंगे। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और किसान कार्यालय के बाहर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए पांडूका के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की कोशिश की। फिंगेश्वर थाने से भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। हालांकि किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं और उच्च अधिकारियों के आने तक आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले के सिकासार बांध में पानी की मात्रा कम होने के कारण यह संकट पैदा हुआ है। दूसरी ओर, स्थानीय नेता इस कमी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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WATER ISSUE : स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक माहौल तनावपूर्ण है और किसान नारे लगाते हुए अपनी मांगों को दोहरा रहे हैं। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, जो छत्तीसगढ़ में पानी के कुप्रबंधन के प्रति किसानों की बढ़ती नाराजगी को उजागर करती है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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