कोलकाता। पीएम मोदी की रैली से पहले कोलकाता के गिरीश पार्क में भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर, ईंटें फेंकीं, बसें क्षतिग्रस्त की गईं। पुलिस ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित भारी बल तैनात कर स्थिति नियंत्रित की, लेकिन घटना में दोनों पक्षों के कार्यकर्ता, एक पुलिस अधिकारी और मंत्री शशि पांजा सहित कई लोग घायल हो गए।
मीडिया खबरों के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे जब भाजपा कार्यकर्ता बसों में ब्रिगेड रैली की ओर जा रहे थे, तब गिरीश पार्क क्रॉसिंग पर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने रास्ते में “बॉयकॉट भाजपा” के होर्डिंग्स फाड़े, स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और फिर मंत्री शशि पांजा के घर पर पत्थरबाजी की। घर का रिसेप्शन तोड़ा गया, पत्थरबाजी एक घंटे से ज्यादा चली और मंत्री को सुरक्षा के लिए अंदर ले जाया गया। टीएमसी ने इसे “प्लान्ड अटैक” बताया।
दूसरी ओर, भाजपा का दावा है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बिना उकसावे के उनकी बसों पर पत्थर फेंके, बसें लूटने/क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की और कार्यकर्ताओं पर हमला किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा, “हम पर बिना किसी उकसावे के पत्थर फेंके गए। उन्होंने हमें गाली भी दी।” भाजपा ने पुलिस पर भी निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।
मंत्री शशि पांजा ने लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण मंत्री और टीएमसी प्रवक्ता डॉ. शशि पांजा ने भाजपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा, “मेरा घर भाजपा गुंडों द्वारा पत्थर मारा जा रहा है… मैं ईंट से हमला हुआ। भाजपा गुंडा नहीं, हत्यारा है। आप उन्हें भाजपा कार्यकर्ता कहते हैं; वे हत्यारे हैं। उन्होंने ‘बॉयकॉट भाजपा’ बैनर फाड़ा, टीएमसी समर्थकों पर हमला किया और पत्थरबाजी की।”
पांजा ने आगे कहा, “50 से ज्यादा टीएमसी कार्यकर्ता घायल हुए हैं। मुझे अंदर धकेल दिया गया क्योंकि मेरी ओर बड़ा पत्थर फेंका गया। यहां तक कि पुलिस कर्मी भी घायल हुए। कोलकाता में आज जो गुंडागर्दी हुई, वह अभूतपूर्व है; बंगाल में ऐसी अराजकता नहीं होती। ये हत्यारे हैं।” उन्होंने इसे “बाहर से लाए गए गुंडों का प्लान्ड अटैक” बताया और कहा कि उनके दो स्टाफ सदस्य भी अस्पताल में भर्ती हैं।
भाजपा का पलटवार
भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया और उल्टा टीएमसी पर हमला बोल दिया। भाजपा नेताओं ने कहा, “टीएमसी गुंडों ने हमारी बसों पर पत्थर फेंके और हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया।” एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, “बिना उकसावे के हम पर पत्थरबाजी हुई।” भाजपा का दावा है कि उनके 35-40 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी शामिल हैं। पार्टी ने पुलिस पर “मूक दर्शक” बनने का आरोप लगाया।
कितने हुए घायल
बवाल से दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के हाथ-पैर और सिर पर चोटें आई हैं। टीएमसी के 50 से अधिक कार्यकर्ता और भाजपा के 35-40 कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी मीडिया के जरिए मिली है।। बोलबाजार थाने के अधिकारी-इंचार्ज समेत पुलिसकर्मी भी पत्थरबाजी में घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायतें दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है।











