नई दिल्ली। एक अमेरिकी जज ने शुक्रवार को न्याय विभाग को भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) के खिलाफ आपराधिक आरोपों को हटाने के अपने फैसले का औचित्य बताने का आदेश दिया। उन्होंने अडानी के वकीलों की उस याचिका पर तुरंत फैसला करने से इनकार कर दिया, जिसमें इस सप्ताह की शुरुआत में मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने की मांग की गई थी।
अडानी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की सहमति दी थी, ताकि उनकी अडानी ग्रुप की एक सहायक कंपनी को सोलर प्लांट विकसित करने की मंजूरी मिल सके। साथ ही, उन्होंने अपनी कंपनी की एंटी-करप्शन प्रैक्टिसेस के बारे में आश्वासन देने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया।
अडानी ग्रुप ने लगातार किसी भी गलत काम से इनकार किया है।न्याय विभाग ने पिछले महीने कहा था कि वह अब इस मुकदमे को आगे नहीं बढ़ाएगा। अडानी के वकीलों ने बुधवार को ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी जिला जज निकोलस गारौफिस से मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने की मांग की।










