नई दिल्ली।व्हाइट हाउस ने सोमवार को ‘ट्रंप टीवी’ (Trump TV) नाम का नया 24/7 स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने भाषणों, प्रशासन की घोषणाओं और ताजा अपडेट्स को एक जगह उपलब्ध कराता है। यह कदम उन प्रमुख समाचार संगठनों के साथ बढ़ते विवाद के बीच उठाया गया है, जिन्हें व्हाइट हाउस प्रेस एक्सेस से बैन किया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप इसे ‘फेक न्यूज’ के खतरे से जोड़कर अपना बचाव कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने लॉन्च की घोषणा करते हुए लिखा, “इट्स लाइव। ट्रंप टीवी अब स्ट्रीमिंग कर रहा है। 24/7, रियल टाइम में अपडेट, पुराने बड़े पल, घोषणाएं और प्रशासन की ताजा खबरें एक ही जगह। हर बड़ा पल आपके टीवी पर नहीं आया था, अब आ सकता है।”लॉन्च के दौरान व्हाइट हाउस ने ट्रंप के पिछले सार्वजनिक कार्यक्रमों और भाषणों के फुटेज प्रसारित किए, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में उनकी शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें भी शामिल थीं।
ट्रंप का मीडिया प्रतिबंध का बचाव
इससे पहले ट्रंप ने सीएनएन, पोलिटिको और एमएस नाउ पर लगाए गए प्रतिबंधों का बचाव किया था। इन तीनों संगठनों ने प्रशासन के फैसले को चुनौती देते हुए संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है, जिसमें उनके पत्रकारों की पहुंच छीनने का विरोध किया गया है।
न्यूयॉर्क सिटी मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात के बाद ग्रेसी मैन्शन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मीडिया संगठनों के उनके बहिष्कार की बातें उन्हें चिंतित नहीं करतीं। उन्होंने कहा, “उन्होंने कहा था कि वे मेरा बहिष्कार करेंगे, लेकिन उन्होंने कभी बहिष्कार नहीं किया। इसलिए मैं इसके बारे में ज्यादा चिंतित नहीं था। देखिए कितना प्रेस है।”
ट्रंप ने कहा कि मीडिया का कर्तव्य निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना है। उन्होंने उन आउटलेट्स पर प्रतिबंध का बचाव किया जिन पर उन्होंने ‘फेक न्यूज’ प्रकाशित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इन आउटलेट्स का कर्तव्य है कि वे निष्पक्ष रहें। और अगर वे फेक न्यूज हैं, तो मुझे लगता है कि मेरा कर्तव्य है कि मैं उन्हें एक और बहुत खास घर में न आने दूं।”
यहां उन्होंने व्हाइट हाउस का जिक्र किया।
व्हाइट हाउस का तर्क है कि संविधान मीडिया को खबरप्रकाशित करने का अधिकार देता है, लेकिन यह किसी खास संगठन को व्हाइट हाउस परिसर, ब्रीफिंग रूम या राष्ट्रपति प्रेस पूल में पहुंच की गारंटी नहीं देता।
सीएनएन, पोलिटिको और एमएस नाउ का कहना है कि सरकार को रिपोर्टिंग के आधार पर यह तय नहीं करना चाहिए कि कौन से पत्रकार व्हाइट हाउस में जा सकते हैं।
कानूनी चुनौती और राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने मुकदमे की आलोचना की और अमेरिकी जिला न्यायाधीश टिमोथी केली के फैसले पर सवाल उठाया। केली को ट्रंप के पहले कार्यकाल में संघीय अदालत में नियुक्त किया गया था। मामला केली के पास इसलिए आया क्योंकि सीएनएन, पोलिटिको और एमएस नाउ ने अपनी व्हाइट हाउस पहुंच बहाल करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
ट्रंप ने लिखा, “जैसा अपेक्षित था, फेक न्यूज सीएनएन, पोलिटिको… और एमएसनाउ… ने व्हाइट हाउस और आपके राष्ट्रपति, यानी मुझ तक पहुंच हासिल करने के लिए मुकदमा दायर कर दिया है!”
मानहानि वाली ख़बरों के रिपोर्टरों का प्रवेश वर्जित
न्यायाधीश केली का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें “दुख की बात है कि उन्हें मैने नियुक्त किया था” और सुझाव दिया कि अगर अदालत प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाती है तो वे अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि नकारात्मक लिखने वाले और अज्ञात ‘स्रोतों’ के साथ झूठी तथा मानहानिकारक खबरें छापने वाले फेक न्यूज वाले लोगों और प्रकाशनों को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय तक पहुंच नहीं मिलनी चाहिए।
ट्रंप ने कहा कि ओवल ऑफिस के साथ “शिष्टाचार, सम्मान और गरिमा” का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने तीनों मीडिया हाउसेज पर अपने रिकॉर्ड और प्रशासन के कवरेज को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए खतरा है, और मैं जो भी जरूरी होगा करूंगा ताकि अमेरिका फलता-फूलता रहे।”
यह विवाद व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल को भी प्रभावित कर रहा है, जो राष्ट्रपति के कार्यक्रमों का साझा फुटेज भाग लेने वाले समाचार संगठनों को उपलब्ध कराता है।
राष्ट्रपति ट्रंप इस समय न्यूयॉर्क में 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा में हैं। वे उच्च स्तरीय जनरल डिबेट में भाग लेने और कई विश्व नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं।











