नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
ईरान से जुड़े हैकिंग ग्रुप ‘हैंडाला हैक टीम’ ने FBI और अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा 19 मार्च को उसके चार डोमेन जब्त करने के महज एक दिन बाद अपनी ऑनलाइन उपस्थिति फिर से स्थापित कर ली है। इस ग्रुप ने 11 मार्च 2026 को अमेरिका की सबसे बड़ी मेडिकल डिवाइस कंपनी स्ट्राइकर पर साइबर अटैक की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें डिस्ट्रक्टिव मालवेयर का इस्तेमाल करके स्ट्राइकर की मेडिकल मशीनों को बंद कर दिया गया था। जिसे द लेंस ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
एक युद्ध इधर भी
19 मार्च को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने घोषणा की कि उसने “हैंडाला हैक टीम” से जुड़े चार इंटरनेट डोमेन जब्त कर लिए है। ये डोमेन ईरान की मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी (MOIS) द्वारा हैकिंग गतिविधियों, चोरी की गई संवेदनशील जानकारी पोस्ट करने, और पत्रकारों, रेजिम विरोधियों तथा इजराइली व्यक्तियों की हत्या की मांग करने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। ये साइकोलॉजिकल ऑपरेशंस का हिस्सा थे, जिनका लक्ष्य विरोधियों को डराना-धमकाना था।
मेडिकल डाटा कंपनी पर की थी स्ट्राइक
एक आंशिक रूप से रीडैक्टेड FBI एफिडेविट में 11 मार्च को एक प्रमुख अमेरिकी मल्टीनेशनल मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी स्ट्राइकर पर साइबर अटैक का जिक्र सामने आया और हैंडाला ग्रुप के द्वारा अटैक की घोषणा की बात भी कही गई थी। अमेरिकी DOJ के एक प्रवक्ता ने उस वक्त कहा कि एफिडेविट में दावा किया गया है कि ‘हैंडाला’ पर्सोना के ऑपरेटर्स एक साजिश के सदस्य हैं, जिन्होंने यूएस स्थित इस कंपनी के खिलाफ डिस्ट्रक्टिव मालवेयर अटैक किया।
स्ट्राइकर पर मालवेयर से अटैक
11 मार्च को हैंडाला ने स्ट्राइकर पर डिस्ट्रक्टिव मालवेयर अटैक किया, जिससे कंपनी के हजारों डिवाइस लैपटॉप, फोन आदि प्रभावित हुए और मेडिकल मशीनें बंद हो गईं। ग्रुप ने दावा किया कि उन्होंने 12 पेटाबाइट्स डेटा डिलीट किया।अटैक से व्यक्तिगत मेडिकल डिवाइस प्रभावित नहीं हुए, लेकिन कंपनी के IT सिस्टम और ऑपरेशंस पर बड़ा असर पड़ा।
हैकर्स ने कहा हम चुप न रहेंगे
20 मार्च को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट में हैंडाला ने जब्ती को “संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा हैंडाला की आवाज को दबाने के हताश प्रयास” बताया। उन्होंने इसे “desperate attempts” कहा और दावा किया कि वे चुप नहीं रहेंगे।हैंडाला ने एक दिन में ही नया डोमेन या बैकअप सेटअप करके अपनी उपस्थिति बहाल कर ली।
साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ की राय
फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के एडजंक्ट फेलो अरी बेन अम ने कहा कि ईरानी थ्रेट एक्टर्स जैसे MOIS ऐसे टेकडाउन के आदी हैं। हैंडाला के दर्जनों टेलीग्राम चैनल, X अकाउंट्स और डोमेन पहले जब्त हो चुके हैं, लेकिन इससे उनकी गति में कोई खास कमी नहीं आई। उन्होंने इसे “trivial” (मामूली) बताया और कहा कि MOIS के ऑपरेटर्स के लिए एक दिन में ही कंटेंट नए डोमेन पर बहाल करना आसान है, जो ठीक वैसा ही हुआ।
हैकर्स की बड़ी विजय
यह घटना ईरान से जुड़े हैकिंग ग्रुप्स के इंटेलिजेंस को दिखाती है। डोमेन जब्ती से लंबे समय तक उनका ऑपरेशन प्रभावित नहीं होता, क्योंकि वे जल्दी नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाते हैं। यह अमेरिका-ईरान साइबर युद्ध और इजराइल-ईरान तनाव के बीच हो रही घटनाओं का हिस्सा है।









