नई दिल्ली।यूक्रेन की सेना ने रात भर रूस (Russia)को निशाना बनाकर 1,000 से ज्यादा ड्रोन हमले किए। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, रूस की राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि यह रूस की राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके सुरक्षा बलों ने पूरे देश के साथ-साथ रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी प्रायद्वीप क्रीमिया और काला सागर के जलक्षेत्र में यूक्रेन के 1,100 ड्रोन को मार गिराया है।
सोबयानिन ने कहा कि मॉस्को की ओर बढ़ रहे 450 ड्रोन को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ ड्रोन मॉस्को की तेल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत से टकराए।
हमले में दो लोगों की मौत
स्थानीय गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने बताया कि मॉस्को के आस-पास के इलाके में हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक 74 साल का व्यक्ति और एक 44 साल की महिला शामिल थीं।
यूक्रेन ने यह बड़ा हमला युद्ध के दौरान रूस में हो रहे पहले संसदीय चुनाव के तीसरे और आखिरी दिन किया।
इस चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का विरोध करने वाले विपक्ष की मौजूदगी लगभग नहीं के बराबर रही। माना जा रहा है कि इससे क्रेमलिन यानी रूसी राष्ट्रपति कार्यालय का दबदबा और मजबूत होगा। साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला संसदीय चुनाव है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मतदान से पहले देश को संबोधित करते हुए कहा था कि यह चुनाव और लोगों का संकल्प बताएगा कि लाखों लोग हमारे सैनिकों के साथ खड़े हैं।
रूस में हो रहे संसदीय चुनाव
रूस के संसदीय चुनाव में पहली बार उन क्षेत्रों के लोग भी शामिल हो रहे हैं, जिन पर मॉस्को ने यूक्रेन पर हमला शुरू करने के बाद कब्जा कर लिया था। कीव के अधिकारियों ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे अवैध बताया है। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि इन क्षेत्रों के लोगों को चुनाव में भाग लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में 35 लाख से अधिक मतदाता हैं। रूस ने सितंबर 2022 में इन क्षेत्रों को अपने में मिला लिया था, जबकि उस समय ये क्षेत्र पूरी तरह उसके नियंत्रण में नहीं थे। रूस के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है।












