ईरान ने अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखीं, अमेरिका ने नागरिकों को चेतावनी जारी की

लेंस डेस्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका से बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं। इसी दौरान अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है और क्षेत्र में यात्रा पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि पश्चिम एशिया का सुरक्षा माहौल जटिल बना हुआ है और हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। विभाग ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। जो नागरिक अभी इस क्षेत्र से बाहर हैं उन्हें यात्रा करने से पहले गंभीरता से सोचने की सलाह दी गई है।

अमेरिका ने इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है। उड़ानें रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं और यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए नागरिकों को एयरपोर्ट और एयरलाइन की ताजा जानकारी पर नजर रखने को कहा गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी कहा है कि खतरा सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है। ईरान और उसके समर्थक समूह दुनिया के दूसरे हिस्सों में अमेरिकी हितों, कंपनियों और नागरिकों से जुड़े स्थानों को निशाना बना सकते हैं।

ईरान की सात शर्तें

ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि कतर ने मध्यस्थ के रूप में ईरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है। रेजाई के अनुसार, ईरान की प्रमुख मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका उसकी मांगें नहीं मानता तो वह संघर्ष जारी रखने के लिए तैयार है।

हूती हमलों का जिक्र

अमेरिकी सुरक्षा चेतावनी में ईरान समर्थित हूतियों की गतिविधियों का भी जिक्र किया गया है। अमेरिका के मुताबिक, हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है, जिसमें नागरिक हवाई अड्डे भी शामिल रहे हैं। सऊदी अरब ने कहा है कि हूतियों ने राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की, जिसे सऊदी सेना ने रास्ते में रोक दिया। हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि उन्होंने रियाद और सऊदी तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना कैंप डेविड दौरा एक दिन पहले खत्म कर व्हाइट हाउस लौट आए। व्हाइट हाउस ने जल्दी वापसी की वजह नहीं बताई है। रशिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी बी-1बी लांसर बॉम्बर ब्रिटेन के एयरबेस से मिडिल-ईस्ट की तरफ रवाना हुआ है।

नोबेल विजेता की प्रतिक्रिया

ईरान की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गिस मोहम्मदी ने कहा है कि देश में चल रही जंग, आर्थिक संकट और सरकारी दमन का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में समाज में दमन बढ़ा है और युवा पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। दोनों पक्षों के रुख से लगता है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

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