नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि (Trump’s statement) अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में सार्थक बातचीत हुई है और वह पांच दिनों के लिए ईरानी ऊर्जा स्थलों पर किसी भी सैन्य हमले को स्थगित रखेंगे। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान द्वारा होर्मजलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने की अनुमति न देने पर बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अपनी धमकी से पीछे हटते हुए यह बयान दिया है। अमेरिकी अखबारों के अनुसार ट्रंप के दामाद कुशनर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी ईरान के साथ बातचीत में लगे हुए हैं।
अलग थलग पड़ गए थे ट्रंप
सीएनएन के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 23 दिनों से जमी बर्फ अब पिघलने लगी है। राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों से ऐसा साफ लग रहा है कि राजनयिक स्तर पर इस युद्ध को खत्म करने के प्रयास बेहद तेज हो गए हैं। नहीं भुला जाना चाहिए कि इस युद्ध में अब ईरान और इजरायल के द्वारा एक दूसरे के ऊर्जा और परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला किया जा रहा था। उधर विश्व बाजार में तेल की कीमत आसमान छू रही थी। जबकि नाटो देशों ने जंग में ट्रंप का साथ न देने का फैसला किया था।

ऐलान होते ही गिरे तेल के दाम
अल जजीरा के अनुसार ईरान पर सैन्य कार्रवाई में देरी के ट्रम्प के आदेश के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 96 डॉलर हो गई।ट्रंप द्वारा ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं के खिलाफ किसी भी हमले को स्थगित करने के लिए सेना को आदेश देने की बात कहने के बाद तेल की कीमतों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 17 डॉलर या 15 प्रतिशत गिरकर 11:08 जीएमटी तक सत्र के निचले स्तर 96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 13 डॉलर या लगभग 13.5 प्रतिशत गिरकर सत्र के निचले स्तर 85.28 डॉलर पर आ गया।
सबसे बड़ा संकट बना हॉर्मूज
यह घटना तब हुई जब ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य वस्तुतः बंद हो गया था और तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं। एक्सियोस के अनुसार होर्मुज संकट ट्रंप के लिए युद्ध समाप्त करने में बाधा बनने वाला एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। धमकियों के आदान-प्रदान ने संकट को और भी गंभीर बना दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गए हैं ।अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा भाव, जो सुबह के समय गिर रहे थे, ट्रंप के पोस्ट के बाद अचानक बढ़ गए और तेल की कीमतें गिर गईं।
ईरान ने दी थी जलडमरूमध्य में बारूद बिछाने की धमकी
इस बीच, ईरान की रक्षा परिषद ने धमकी दी है कि अगर ईरान के तटों या द्वीपों पर हमला होता है तो वह पूरे फारस की खाड़ी को अवरुद्ध करने के लिए बारूदी सुरंगें बिछा देगी, सोमवार को राज्य मीडिया ने यह जानकारी दी।संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान और लेबनान में मारे गए लोगों की संख्या अब हजारों में पहुंच गई है । आज सुबह भी पूरे क्षेत्र में हमले जारी रहे, ईरानी सरकारी मीडिया ने तेहरान में हुए हमलों की सूचना दी। सऊदी अरब ने कहा कि उसने राजधानी रियाद की ओर आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका।
ट्रंप के बयान का ईरान ने किया खंडन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा उन खबरों का खंडन करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान इस स्थिति में नहीं है कि कुछ कह सके। दरअसल ईरानी मीडिया ने उस खबर का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल है।
सोमवार सुबह तेहरान के साथ सकारात्मक वार्ता की घोषणा करने के तुरंत बाद, ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस की मारिया बार्टिरोमो से बात की । बार्टिरोमो ने ट्रंप से यह स्पष्टीकरण मांगा कि ईरानी मीडिया ने ऐसी वार्ताओं के होने से इनकार क्यों किया?
बार्टिरोमो ने कहा, “मैंने अभी राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है। मैंने पूछा, यह संघर्ष कब तक चलेगा? उन्होंने कहा “बिजली के बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने या स्थगित करने के लिए पांच दिन का समय है। उन्होंने यह भी कहा कि यह इससे पहले भी हो सकता है। लेकिन मैंने पांच दिन का समय तय किया है।”
क्वीन फॉक्स न्यूज ने पूछा कि ईरानी सरकारी टेलीविजन के इस बयान पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है कि कोई बातचीत नहीं हो रही है? तो उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि वे किस बात का जिक्र कर रहे हैं क्योंकि सबसे हालिया बातचीत वास्तव में कल रात स्टीव वाइकोफ और मेरे दामाद जेरेड कुशनर और उनके समकक्षों के साथ हुई है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान से कोई जानकारी प्राप्त करना मुश्किल है क्योंकि अमेरिका उनके बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नष्ट कर रहा है। उनका कहना था कि सबसे हालिया बातचीत कल रात स्टीव वाइकोफ और जेरेड कुशनर के साथ हुई थी,”।











