4 श्रम संहिताओं के खिलाफ राजधानी में ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन, गिरफ्तार मजदूरों की तत्काल रिहाई की मांग

4 Labour codes

रायपुर। 4 श्रम संहिताओें (4 Labour codes) केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को देशभर में ‘राष्ट्रीय मांग दिवस’ मनाया गया। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के नेतृत्व में श्रमिकों और कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया गया।

प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, मानेसर और दिल्ली-एनसीआर में आंदोलन कर रहे मजदूरों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मंच के संयोजक और ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन के के राष्ट्रीय अध्यक्ष धम्रराज महापात्रा ने कहा कि देशभर के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक अमानवीय शोषण, कम मजदूरी और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगें सुनने के बजाय दमन और गिरफ्तारियों का रास्ता अपना रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेड यूनियन नेताओं और मजदूरों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें ‘राष्ट्रविरोधी’ बताकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

नेताओं ने कहा कि ठेका श्रमिकों को प्रतिदिन 10 से 13 घंटे तक काम करना पड़ता है, लेकिन उन्हें केवल 10 से 12 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है। उन्हें पीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।

संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार से चारों श्रम संहिताओं को वापस लेकर पुराने 44 श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग की। साथ ही ट्रेड यूनियनों के साथ तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता और भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने की भी मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के दौरान रसोई गैस (LPG) की बढ़ती कीमतों और महंगाई के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। नेताओं ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की।

कार्यक्रम में इंटक, एचएमएस, एटक, सीटू, एक्टू, संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल, पोस्टल यूनियन, बीमा कर्मचारी संघ और केंद्र-राज्य कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

प्रदर्शन का नेतृत्व इंद्रमणी पटेल, एसएन बैनर्जी, दिनेश पटेल, ज्योति पाटिल, नरोत्तम शर्मा समेत कई नेताओं ने किया।

प्रदर्शन के अंत में एक प्रस्ताव पारित कर एनआईटी/नीट परीक्षा निरस्त किए जाने से प्रभावित छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया गया। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories