रायपुर। केंद्र सरकार की कृषि और श्रम नीतियों के विरोध में 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो आंदोलन (Jail Bharo Andolan) होगा। संयुक्त ट्रेड यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शन, रैली और रास्ता रोको आंदोलन का आह्वान किया है।
आंदोलन को छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर आयोजित करने को लेकर ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों की संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में संगठनों ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के किसानों और कृषि क्षेत्र पर संभावित प्रभाव, श्रमिक विरोधी लेबर कोड, सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश और निजीकरण समेत विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। संगठनों ने इन नीतियों को वापस लेने की मांग की।
मजदूर-किसानों की ये हैं प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी संगठनों ने किसानों की उपज की सी2 फार्मूले के अनुरूप न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन और सामाजिक कल्याण के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग रखी है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश और निजीकरण पर रोक, रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
रायपुर के आजाद चौक से होगा आंदोलन
ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 10 अगस्त को रायपुर के आजाद चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आंदोलन आयोजित किया जाएगा। बैठक में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी आंदोलन को प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि भिलाई, राजहरा, राजनांदगांव, धमतरी, बलौदा बाजार, कांकेर, बालोद, बीजापुर, कोरबा, रायगढ़, जगदलपुर, सुकमा और अंबिकापुर सहित अन्य स्थानों पर भी जेल भरो आंदोलन, रैली और प्रदर्शन किए जाएंगे।
कई ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों की भागीदारी
बैठक में एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस, एक्टू, एसटीयूसी, आरडीआईईयू समेत विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा और किसान एवं श्रमिक संगठनों के नेता शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता एटक के प्रदेश महासचिव ने की।
संगठनों ने प्रदेश के श्रमिकों और किसानों से 10 अगस्त के आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि मजदूर और किसान अपनी मांगों को लेकर संयुक्त रूप से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।











