भारत और पाकिस्तान के बीच कोलंबो में हुई बातचीत ट्रैक 2 नहीं ट्रैक 1.5 थी

India and Pakistan

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच कोलंबो के हिल्टन होटल में हुई बातचीत से भारत इनकार कर रहा है, लेकिन द लेंस सहित दुनिया भर की मीडिया में इसे ट्रैक 2 बातचीत बताया जा रहा है।

द लेंस को जो नई जानकारी मिली है, उसके हिसाब से दरअसल यह ट्रैक 2 नहीं ट्रैक 1.5 बातचीत थी, जिसमें पाकिस्तान की ओर से पीपीपी नेता व सीनेटर शेरी रहमान, एक सेवानिवृत्त टू-स्टार सैन्य अधिकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सेवारत अधिकारी सज्जाद हैदर खान समेत पाकिस्तानी विदेश विभाग के कई जूनियर अधिकारी शामिल थे।​

गौरतलब है कि सज्जाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में महानिदेशक (Director General – South Asia and SAARC) के पद पर कार्यरत हैं। आमतौर पर ट्रैक 2 बातचीत में कोई सरकारी अधिकारी शामिल नहीं होता है।

कौन हैं राहुल राय चौधरी?

इस बीच द लेंस को यह भी जानकारी मिली है कि इस बैठक को आयोजित करने में मोदी -1 सरकार में पीएमओ से संबद्ध नेशनल सेक्यूरिटी काउंसिल के सदस्य राहुल राय चौधरी की भूमिका अहम थी। उनके सहयोग से ही भारत ने इस बातचीत में अपना पैनल निर्धारित किया था। थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटजिक स्टडी द्वारा वक्त वक्त पर ट्रैक 2 बातचीत कराने के प्लेटफार्म उपलब्ध कराए जाते रहे हैं। राहुल रॉय चौधरी इसी से जुड़े हैं।

क्या सिंगापुर में तय किया गया एजेंडा?

सिंगापुर में आयोजित एशिया के इस सबसे बड़े सुरक्षा शिखर सम्मेलन में अमेरिकी अधिकारियों और IISS के नेतृत्व के बीच व्यापक बातचीत हुई। इस सम्मेलन में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने “इंडो-पैसिफिक में शांति के लिए अमेरिकी रणनीति” पर अपना विजन साझा किया था। इस भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया था। यह जानकारी पुष्ट नहीं हो पाई है कि क्या कोलंबो में ट्रैक 1.5 बातचीत का निर्णय सिंगापुर में लिया गया था?

द प्रिंट ने किया ऑपरेशन सिंदूर के बाद चार बैठकों का दावा

सूत्रों के हवाले से न्यूज वेबसाइट द प्रिंट ने बताया है कि मई 2025 से दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच टॉर्क II संवाद के कम से कम तीन दौर हो चुके हैं। इनमें पिछले छह महीनों में पश्चिम एशियाई देशों में दो बैठकें शामिल हैं, तथा भारत के पूर्व में स्थित एक राजधानी में पुराने संवाद प्रारूप की एक बैठक हुई।

साल के अंत में होगी दो बैठकें

महत्वपूर्ण खबर यह है कि इस साल के बाद में कम से कम दो और बैठकें निर्धारित हैं। हाल की बैठकों में यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तानी पक्ष से पाकिस्तान आर्मी ने टॉर्क II प्रक्रियाओं, भाग लेने वाले व्यक्तियों और उनके लाए संदेशों पर अधिक औपचारिक नियंत्रण ले लिया है।

अब भारत-पाकिस्तान टॉर्क II नेटवर्क पूरी तरह से मौजूदा राजनीतिक वास्तविकताओं के ढांचे के भीतर काम करता है, और यह संघर्ष समाधान के उद्देश्य से नहीं, बल्कि संघर्ष प्रबंधन की दिशा में संचालित है। ऐसा हमेशा नहीं था।

दोहा और मस्कट में भी मिले थे भारतीय और पाकिस्तानी

द प्रिंट के अनुसार सबसे हालिया बैठक इस वर्ष 2 फरवरी को दो दिनों के लिए दोहा में हुई थी, जिसमें कई विषयों पर चर्चा हुई। संवाद में दोनों प्रतिनिधिमंडलों में सैन्य उपस्थिति थी, लेकिन राजनयिकों और अन्य अधिकारियों की संख्या अधिक थी।

इससे पहले दिसंबर 2025 में भारत के पूर्व में स्थित एक राजधानी में सैन्य-से-सैन्य संबंधों पर केंद्रित टॉर्क II संवाद हुआ था, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारियों ने संघर्ष वृद्धि रोकने के उचित तरीकों की पहचान करने के लिए चर्चा की।ऑपरेशन सिंदूर के बाद मस्कट में एक और संवाद हुआ, जबकि ओटावा स्थित एक थिंक-टैंक द्वारा संचालित प्रारूप भी पिछले साल कहीं आयोजित किया गया था।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now