अदालत ने नहीं लिया राहुल का नाम, चैनलों ने चला दी खबर

नई दिल्ली। आज सुप्रीम कोर्ट में SIR की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की बेंच ने एक बार भी राहुल गांधी
(Rahul Gandhi) का नाम नहीं लिया लेकिन सुनवाई के बीच में ही यह अफवाह आज तक समेत तमाम चैनलों पर चलने लगी कि सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के आचरण पर सवाल खड़ा किया है। कोर्ट में दरअसल चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मौखिक तौर पर कहा कि हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में भी पूछताछ करेंगे। कांग्रेस नेता गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव,संजय राउत , एमए बेबी , डी राजा, महुआ माझी , सुप्रिया सुले और ईटी मुहम्मद बशीर अन्य याचिकाकर्ता हैं। जानकारों का मानना है कि जिसके बारे में सीजेआई के कहा वह इनमें से कोई भी हो सकता है।

अजब गजब के शीर्षक
आज की कार्रवाई के बाद इंडिया टीवी ने हेडिंग लगाई
“सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लगाई फटकार, कोर्ट परिसर के अंदर नारेबाजी और हंगामे को लेकर जारी किया नोटिस”, नवभारत टाइम्स ने लिखा “हमें कोई धमका नहीं सकता’, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से फटकार, आचरण पर उठाए सवाल”, अमर उजाला, एबीपी न्यूज ,आजतक ने भी ऐसे ही शीर्षक चलाए।

काबिलेगौर है कि जब सीजेआई ने मिलने का समय नहीं दिया तो शिवसेना के संजय राउत ने कहा था कि संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा INDIA गठबंधन के नेताओं को मिलने का समय न देने पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि जब देश संकट में था, तब सुप्रीम कोर्ट ने जनता और विपक्ष के लिए अपने दरवाजे बंद कर लिए हैं, जो इतिहास में दर्ज होगा। अन्य याचिकर्ताओं में से कई ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है यह प्रतिक्रिया आई कहां से?

क्या कहते हैं अधिवक्ता
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के वक्त मौजूद वकील शशि भूषण तिवारी कहते हौज अदालत में कही गई बातों का बड़ा महत्व होता है। जब अदालत ने किसी का नाम ही नहीं किया तो फिर ऐसे कैसे कहा जा सकता है,? अगर मान लेते है कि राहुल गांधी का ही जिक्र था तो उसमें फटकार कहां थी? आचरण वृहद विषय है। महत्वपूर्ण है कि अदालती रिपोर्टिंग करने वाली लाइव लॉ या बार एंड बेंच ने भी राहुल गांधी का नाम नहीं लिखा।

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