थाईलैंड ने भारतीयों की फ्री एंट्री खत्म की, अब 15 दिन का वीजा ऑन अराइवल ही मिलेगा

Thailand

नई दिल्ली। Thailand ने भारतीय पर्यटकों को बड़ा झटका देते हुए 60 दिन की वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा समाप्त करने का फैसला किया है। अब भारतीय नागरिकों को थाईलैंड पहुंचने पर ‘वीजा ऑन अराइवल’ लेना होगा और वे एक बार में अधिकतम 15 दिन तक ही वहां ठहर सकेंगे।

थाई मंत्रिमंडल ने 19 मई 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। नए नियम रॉयल गजट में प्रकाशित होने के 15 दिन बाद लागू होंगे। कोविड महामारी के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थाईलैंड ने 2024 में भारत सहित 93 देशों के नागरिकों को 60 दिन तक बिना वीजा रहने की अनुमति दी थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को वापस ले लिया गया है।

नए नियम लागू होने के बाद भारतीय नागरिकों को बिना वीजा सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। यात्रियों को या तो आगमन पर वीजा लेना होगा या पहले से ई-वीजा बनवाना पड़ेगा। साथ ही एक बार में केवल 15 दिन तक ही ठहरने की अनुमति होगी।

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर लंबी छुट्टियां बिताने वाले पर्यटकों, रिमोट वर्क करने वालों और कम बजट में लंबे समय तक रहने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।

थाईलैंड ने क्यों बदले नियम?

थाई सरकार के अनुसार हाल के महीनों में वीजा अवधि से अधिक रुकने, अवैध कारोबार, ऑनलाइन ठगी गिरोहों और पर्यटकों के अनुचित सार्वजनिक व्यवहार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।

थाई मीडिया में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें विदेशी पर्यटक धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का उल्लंघन करते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ विदेशी पर्यटक मंदिर परिसरों में अनुचित तरीके से वीडियो बनाते, शराब के नशे में सड़क पर हंगामा करते और स्थानीय नियमों की अनदेखी करते नजर आए।

भारतीयों से जुड़े विवाद भी बने चर्चा का विषय

पिछले कुछ वर्षों में थाईलैंड में भारतीय नागरिकों से जुड़े कुछ मामलों ने भी स्थानीय मीडिया में सुर्खियां बटोरीं। कुछ पर्यटकों पर होटल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सार्वजनिक स्थानों पर झगड़ा करने और वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से रुकने के आरोप लगे।

इसके अलावा थाई अधिकारियों ने भारतीयों सहित विदेशी नागरिकों के खिलाफ अवैध कॉल सेंटर, ऑनलाइन ठगी नेटवर्क और फर्जी कारोबारी गतिविधियों पर कार्रवाई की जानकारी भी दी है।

हालांकि बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक नियमों का पालन करते हुए सामान्य पर्यटन के लिए थाईलैंड जाते हैं और विवादों में शामिल लोगों की संख्या कुल पर्यटकों की तुलना में काफी कम मानी जाती है।

पर्यटन उद्योग को झटका लगने की आशंका

पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि नए नियमों से अचानक यात्रा की योजना बनाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। अब यात्रियों को पहले से दस्तावेज तैयार रखने, अतिरिक्त शुल्क देने और यात्रा की अग्रिम योजना बनाने की जरूरत पड़ेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ भारतीय पर्यटक अब मलेशिया, वियतनाम, श्री लंका और इंडोनेशिया जैसे देशों का रुख कर सकते हैं, जहां प्रवेश प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है।

थाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो यात्री नए नियम लागू होने से पहले थाईलैंड पहुंच चुके हैं, उन्हें उनकी स्वीकृत अवधि तक वहां रहने की अनुमति मिलेगी।

लोकप्रियता पर कितना असर?

थाईलैंड लंबे समय से भारतीय पर्यटकों के पसंदीदा विदेशी पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। कम दूरी, अपेक्षाकृत सस्ती यात्रा, भारतीय भोजन की उपलब्धता और आसान प्रवेश नियम इसकी प्रमुख वजह रहे हैं।

मध्य भारत की एक प्रमुख ट्रैवल एजेंसी के संचालक तन्मय व्यास के अनुसार, इस फैसले से भारतीय पर्यटकों की संख्या पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि पर्यटक पहले से आवेदन करके तीन महीने का टूरिस्ट वीजा हासिल कर सकते हैं, जिसके तहत वे 60 दिनों तक लगातार थाईलैंड में रह सकते हैं।

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