नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के एक Gen Z युवक द्वारा जारी किए गए एक वीडियो से हड़कंप मच गया है जिसमें उसने चीनी अतिक्रमण से खार खाकर भारत को अलविदा कह दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में चीनी सैन्य अतिक्रमण की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर प्रभावी ढंग से गश्त कर रही है और देश की सीमाओं की मुस्तैदी से रक्षा कर रही है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण का कोई संकेत नहीं है; भारतीय सेना सीमांत क्षेत्रों में प्रभावी गश्त कर रही है और भारतीय क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रख रही है।’ इस दौरान एक वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जिसमें एक GEN Z भारत को अलविदा कहते हुए बोल रहा है कि अब चीन अरुणांचल पर कब्जा कर रहा है लेकिन सरकार सो रही है। वह दिन दूर नहीं जब अरुणाचल पर चीन का कब्जा हो जायेगा। इसीलिए हम अलविदा भारत कह रहे हैं।
केंद्र ने जारी किया है अरुणाचल का नया आधिकारिक नक्शा
मुख्यमंत्री का यह बयान भारत सरकार द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 27 महत्वपूर्ण स्थानों को ‘भारतीय सर्वेक्षण विभाग’ (Survey of India) के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक और पारंपरिक नामों के साथ चिह्नित करने के ठीक एक दिन बाद आया है। सरकार के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य: इन स्थानों की सटीक और सही पहचान सुनिश्चित करना। आम जनता के बीच इनके भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
चीन बदल रहा नाम
विदेश मंत्रालय और भारत सरकार ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने के प्रयासों को लगातार “व्यर्थ और हास्यास्पद” करार दिया है। भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा। भारत द्वारा आधिकारिक नक्शे में शामिल किए गए कई स्थान रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो एलएसी (LAC) के करीब हैं या 1962 के भारत-चीन युद्ध व सैन्य झड़पों का हिस्सा रहे हैं।
विपक्ष का गंभीर आरोप
यह दुखद है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन के अतिक्रमण को लेकर सरकार के लगातार मना करने और निष्क्रियता से यह युवक इतना निराश हो गया है कि उसने अपनी किस्मत को स्वीकार कर लिया है और भारत को अलविदा संदेश भेज दिया है। सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देगी? क्या वह अरुणाचल प्रदेश में चीनी अतिक्रमण से इनकार करेगी? क्या वह मेटा को फोन करके इस और ऐसे अन्य संदेशों को दबाएगी?
पवन खेड़ा कहते हैं कि क्या वह इस युवक को ढूंढकर उसका पीछा करेगी, उसे परेशान करेगी और उससे माफी मंगवाएगी – ताकि प्रधानमंत्री आधी रात को एक वीडियो बनाकर उसे ‘माफ’ कर सकें? सच तो यह है कि एक देश के रूप में हम एक गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। और यह सरकार इसका समाधान नहीं कर सकती क्योंकि वह इसे स्वीकार करने से भी इनकार करती है – क्योंकि ऐसा करने से उसकी अपनी अक्षमता और झूठ उजागर हो जाएगा।










