‘माउंटेन मैन’ की याचिका पर 11 अगस्त को रायपुर कोर्ट में सुनवाई, CM मोहन यादव को बनाया गया पार्टी

Mountain Man

रायपुर। ‘माउंटेन मैन’ (Mountain Man) के नाम से चर्चित पर्वतारोही राहुल गुप्ता की ओर से दायर याचिका पर 11 अगस्त को रायपुर कोर्ट में सुनवाई होगी। इस याचिका में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पार्टी बनाया गया है। मामला ‘माउंटेन मैन’ नाम, ट्रेडमार्क और व्यक्तिगत पहचान के कथित अनधिकृत इस्तेमाल से जुड़ा है। राहुल गुप्ता ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।

राहुल गुप्ता ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में एक व्यक्ति को ‘माउंटेन मैन’ की आधिकारिक पहचान के तौर पर प्रचारित किया गया और सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुत किया गया। उनका दावा है कि इससे उनकी वर्षों से बनी पहचान और ब्रांड की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।

राहुल गुप्ता ने कहा कि उन्होंने जून और अगस्त 2025 में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखित शिकायतें और रिमाइंडर भेजे थे। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कथित विवादित पोस्ट नहीं हटाई गईं और मामले का समाधान भी नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया।

आर्थिक और प्रतिष्ठा को नुकसान का दावा

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘माउंटेन मैन’ के तौर पर राहुल गुप्ता की पहचान और ब्रांड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। इससे उनके व्यवसाय, प्रायोजन और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल असर पड़ने का दावा किया गया है।

राहुल गुप्ता का कहना है कि एक दशक से अधिक समय की मेहनत से हासिल उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और उपलब्धियों से जुड़े नाम को किसी अन्य व्यक्ति के प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

सीएम मोहन यादव को क्यों बनाया गया पार्टी?

याचिका के मुताबिक, मध्यप्रदेश में ‘माउंटेन मैन’ नाम और पहचान को लेकर किए गए कथित प्रचार में मुख्यमंत्री मोहन यादव की भूमिका का उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर उन्हें मामले में पार्टी बनाया गया है।

दरअसल, मध्यप्रदेश के एक माउंटेनियर अंकित सेन को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने माउंटेन मेन संबोधित करते हुए सोशल मीडिया में उसे 5 लाख रुपए देने की घोषणा की थी।

इसके बाद ही राहुल गुप्ता ने ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 के प्रावधानों के साथ-साथ पर्सनालिटी राइट्स और ‘गुडविल’ के कथित गलत इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने अपनी पहचान, नाम और ब्रांड की सुरक्षा की मांग की है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories