लेंस डेस्क। मध्य पूर्व के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ गया है। इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरान की गनबोट्स ने गोलीबारी कर दी, जिसके बाद दोनों जहाजों को बिना स्ट्रेट पार किए ही वापस लौटना पड़ा।
इसके बाद दोनों भारतीय जहाज होर्मुज पार किए बिना लौट गए। जहाज और उसके क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। एक भारतीय जहाज लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था।
जब भारतीय जहाज को हॉर्मूज स्ट्रेट में मुड़ने को मजबूर किया गया
घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को भारत में तैनात ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथअली को तलब किया। भारत ने फायरिंग पर विरोध दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब ईरान ने इस समुद्री मार्ग पर अपनी सैन्य निगरानी दोबारा कड़ी करने का ऐलान किया था। यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार एक टैंकर के कप्तान ने बताया कि ईरान की IRGC के दो गनबोट्स उसके जहाज के पास पहुंचीं और बिना किसी रेडियो चेतावनी के सीधे फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जहाजों ने आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया।
ईरान ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी सैन्य निगरानी फिर से सख्त कर रहा है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने पहले हुई सीजफायर डील का उल्लंघन किया है, इसलिए इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही अब पूरी तरह सेना के नियंत्रण में होगी।
वहीं अमेरिका ने होर्मुज से नाकेबंदी हटाने से इनकार कर दिया है। इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता, तब तक यह स्थिति जारी रहेगी।
दुनिया के सबसे व्यस्त तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी अहम माना जा रहा है।
कल तेहरान ने घोषणा की थी कि लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध रोकने के लिए सीजफायर होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल गया है।इसके बाद आज सुबह ईरान के सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने कहा कि अमेरिकी ब्लॉकेड के जवाब में वे स्ट्रेट को फिर से बंद कर देंगे।
इस घोषणा के समय समुद्री ट्रैकिंग साइट्स पर कई जहाज संकरे जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करते दिखे।13 अप्रैल को ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहाली ने NDTV को बताया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारतीय जहाजों के लिए खुला रहेगा, भले ही तेहरान फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ब्लॉकेड के आर्थिक परिणामों की चेतावनी दे रहा हो।
ईरान ने यह भी संकेत दिया था कि अगर वाशिंगटन अपनी “अवैध मांगों” को वापस नहीं लेता तो शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयाँ फिर से शुरू हो सकती हैं।इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता के विफल होने के बाद अपने पहले साक्षात्कार में फतहाली ने कहा था कि नई दिल्ली को ईरान के विदेश मंत्री द्वारा पांच दोस्त देशों में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति सुनिश्चित करने के लिए सरकार-सरकार स्तर पर संपर्क पहले से ही चल रहा है।










