लखनऊ। लखनऊ (Lucknow) विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले छात्रों को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री 12 सितंबर को विश्वविद्यालय परिसर में गोमती पुस्तक महोत्सव के पांचवां कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इससे पहले ही पुलिस ने छात्र संगठनों के कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों को हॉस्टल से हिरासत में ले लिया। छात्रों ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
रात में हॉस्टल पहुंची पुलिस
छात्रों के मुताबिक, 11 सितंबर की देर रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच पुलिस हॉस्टलों में पहुंची। समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र यादव समेत कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया। NSUI से जुड़े शुभम और अन्य छात्रों ने भी रात में पुलिस द्वारा ले जाए जाने की बात कही। छात्रों का कहना है कि उस समय वे सो रहे थे। अचानक पुलिस के पहुंचने से हॉस्टल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों ने सवाल उठाया कि अगर प्रशासन को उनसे बात करनी थी तो उन्हें दिन में बुलाया जा सकता था।
कई महीनों से फीस बढ़ोतरी का विरोध
दरअसल, लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्र संगठनों का विरोध पिछले कई महीनों से चल रहा है। एडमिशन फॉर्म फीस और सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस बढ़ाए जाने के बाद अप्रैल से ही अलग-अलग छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।
अगस्त और सितंबर में हॉस्टल मेस फीस और रणवीर सिंह बिष्ट हॉस्टल की फीस को लेकर भी छात्रों ने आवाज उठाई। छात्रों का दावा है कि सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद फीस लगातार बढ़ाई जा रही है। 34 करोड़ का अनुदान बढ़ाकर 100 करोड़ करने की मांग, छात्र संगठनों की एक प्रमुख मांग विश्वविद्यालय को मिलने वाले सरकारी अनुदान से जुड़ी है।
उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को फिलहाल करीब 34 करोड़ रुपये का अनुदान मिलता है। इसे बढ़ाकर कम से कम 100 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों पर फीस बढ़ोतरी का बोझ न पड़े और कैंपस की सुविधाओं में सुधार हो सके। छात्रों ने हॉस्टल में टूटी छत, पानी और इंटरनेट जैसी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया है।
CM योगी पहुंचे तो गेट पर लगे पोस्टर
12 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन किया। नौ दिन चलने वाले इस महोत्सव में अलग-अलग प्रकाशकों के स्टॉल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 और 3 के आसपास कुछ छात्रों ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने ‘फीस वृद्धि वापस लो’ और ‘बंद स्कूलों को चालू करो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे NSUI के अहमद रजा समेत कुछ अन्य छात्रों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
छात्रों का कहना- CM से बात करना चाहते थे
हिरासत में लिए गए छात्रों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर फीस बढ़ोतरी और विश्वविद्यालय की समस्याओं पर बात करना चाहते थे। उनका आरोप है कि बातचीत का मौका देने के बजाय उन्हें हिरासत में ले लिया गया। छात्र संगठनों ने कहा कि हिरासत या पुलिस कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनके मुताबिक, फीस का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्रों पर पड़ रहा है।
प्रशासन की दलील- कार्यक्रम में सुरक्षा जरूरी
वहीं, प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की बात सामने आई है। विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने संभावित प्रदर्शनकारियों को पहले ही हिरासत में लिया, ताकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के पूरा हो सके। हालांकि, छात्रों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर रात में हॉस्टल से उठाना उचित नहीं है।
पुस्तक महोत्सव के बीच फिर गरमाया छात्र राजनीति का मुद्दा
गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन के साथ विश्वविद्यालय में किताबों और शिक्षा की चर्चा हुई, लेकिन इसी दौरान फीस और छात्र सुविधाओं का पुराना विवाद भी सामने आ गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को किताबें पढ़ने और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही, वहीं छात्र संगठन अपने फीस संबंधी सवालों को लेकर विरोध करते नजर आए।









