बीरगांव निगम के 40 वार्डों में कांग्रेस का टारगेट तय: महंगे बिजली बिल से लेकर विधायक की निष्क्रियता पर BJP को घेरने की तैयारी

Birgaon Nigam

रायपुर। बीरगांव नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने BJP के खिलाफ अपनी चुनावी रणनीति का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। रविवार को रावांभाटा के होटल में हुई कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को बूथ और वार्ड स्तर तक मजबूत करने के निर्देश चुनाव के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक डॉ. शिवकुमार डहरिया ने दिए।

बैठक में स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल, महंगाई और रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू की कथित निष्क्रियता को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने पर चर्चा हुई।

बैठक में बीरगांव निगम के 40 वार्डों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति, आरक्षण के बाद बदले समीकरण, संभावित प्रत्याशियों और बूथवार तैयारियों पर मंथन किया गया।

कांग्रेस ने संकेत दिया कि इस बार चुनाव केवल पार्षदों के टिकट और संगठन की ताकत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय समस्याओं के साथ भाजपा विधायक की भूमिका को भी जनता के बीच सवाल के तौर पर रखा जाएगा।

चुनाव के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक डॉ. शिवकुमार डहरिया, सह-प्रभारी मोतीलाल देवांगन, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा और लेखराम साहू ने वर्तमान पार्षदों, छाया पार्षदों, दावेदारों, मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों से सीधे संवाद किया।

डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि चुनाव की तारीख घोषित होने का इंतजार किए बिना कांग्रेस को अभी से वार्ड और बूथ स्तर पर सक्रिय होना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं की एकजुटता को कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि टिकट के दावेदार भले ही कई हों, लेकिन प्रत्याशी घोषित होने के बाद सभी को एकजुट होकर पार्टी की जीत के लिए काम करना होगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने कहा कि आरक्षण के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए प्रत्येक वार्ड का नए सिरे से राजनीतिक और संगठनात्मक आकलन किया जाएगा। कांग्रेस का लक्ष्य 40 वार्डों में मजबूत संगठन और प्रभावी चुनावी नेटवर्क तैयार करना है।

स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का मुद्दा भी उठेगा

बैठक में बिजली के बढ़े बिलों को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़े हैं और इससे आम लोगों में नाराजगी है।

कांग्रेस ने तय किया कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का मुद्दा बीरगांव के वार्डों तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही महंगाई और स्थानीय जनसमस्याओं को भी चुनावी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।

बीरगांव चुनाव में कांग्रेस ने रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू की भूमिका को भी राजनीतिक मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं।

बैठक में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता बिजली, महंगाई और दूसरी स्थानीय समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन विधायक इन मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने में विफल रहे हैं।

कांग्रेस का कहना है कि चुनाव अभियान के दौरान वार्डवार स्थानीय समस्याओं को चिन्हित किया जाएगा और मतदाताओं से यह सवाल किया जाएगा कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि ने कितनी प्रभावी आवाज उठाई।

यानी बीरगांव में कांग्रेस का चुनावी नैरेटिव सिर्फ भाजपा सरकार की नीतियों तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी स्थानीय स्तर पर विधायक की कथित निष्क्रियता को भी सीधे चुनावी बहस में लाने की तैयारी में है।

‘वार्ड जीतो, बीरगांव जीतो’ का लक्ष्य

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने भी संगठन की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीरगांव में कांग्रेस का पुराना जनाधार रहा है और पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभव तथा युवा कार्यकर्ताओं की ऊर्जा को साथ लेकर चुनाव की तैयारी करनी होगी।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बैठक में कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य स्पष्ट है, ‘वार्ड जीतो, बीरगांव जीतो।’

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता एकजुटता और अनुशासन के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे और जनता के स्थानीय मुद्दों को लेकर संघर्ष करेंगे।

बैलेट पेपर से चुनाव की मांग

बैठक में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के आगामी नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की मांग भी उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं का विश्वास सर्वोच्च होना चाहिए।

रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास महत्वपूर्ण है और सरकार को बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

बैठक में पर्यवेक्षकों और सह-प्रभारियों ने संभावित प्रत्याशियों के साथ सीधे संवाद किया। दावेदारों से उनके वार्ड की स्थिति, स्थानीय समीकरण और संगठन की स्थिति को लेकर फीडबैक लिया गया।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि दावेदारी अपनी जगह है, लेकिन अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद सभी को पार्टी के फैसले के साथ खड़ा होना होगा।

बैठक में महापौर नंदलाल देवांगन, सभापति कृपाराम निषाद, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी समेत जिला, ब्लॉक और मंडल पदाधिकारी, वर्तमान एवं छाया पार्षद, दावेदार और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 13 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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