नई दिल्ली। कर्नाटक में बड़े उलटफेर के आसार नजर आ रहे हैं लेकिन पार्टी इससे इंकार कर रही है। सूत्रों का दावा है कि पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) से इस्तीफा देने, डी के को सत्ता सौंपने और राज्यसभा के जरिए दिल्ली शिफ्ट होने को कहा है। हांलाकि सिद्धारमैया इस प्रस्ताव पर तैयार नहीं हुए हैं।
पार्टी प्रवक्ता आलोक शर्मा ने ऐसी किसी ही संभावना से इनकार कर दिया है। यह हलचल उस वक्त बढ़ गई जब पत्रकारों ने डी के शिवकुमार से इस संबंध में सवाल किया तो वो मुस्कुराकर टाल गए।
नेतृत्व परिवर्तन को लेकर यह अहम बैठक कांग्रेस मुख्यालय दिल्ली में हुई, जिसमें सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला शामिल थे। कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से नेतृत्व चर्चा से इनकार किया।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि हाईकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी हाईकमान ने इस्तीफा देने को कहा है। दरअसल कांग्रेस के राज्यसभा की सीटों को लेकर मंत्रणा चल रही है। वहीं, मलिकार्जुन खरगे के बाद नए अध्यक्ष की भी तलाश शुरू हो गई है। पार्टी के भावी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अशोक गहलोत ,सिद्धारमैया के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
इंडिया टुडे के अनुसार कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में मंगलवार को नई उथल-पुथल मच गई जब कांग्रेस सूत्रों ने दावा किया कि पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफा देकर राज्यसभा के जरिए दिल्ली जाने को कहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर वरिष्ठ नेता अभी तक सहमत नहीं हुए हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि अगर यह बदलाव होता है तो उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
यह घटनाक्रम दिल्ली में हुई हाई-लेवल बैठक के कुछ देर बाद सामने आया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर ही चर्चा हुई।सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को बताया कि वे राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में आ सकते हैं और दिल्ली में बड़े संगठनात्मक या शासनात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
सूत्रों में नेतृत्व बदलाव की चर्चा के बावजूद, कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से सिद्धारमैया को हटाने पर कोई चर्चा होने से इनकार किया।लगभग दो घंटे की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चर्चा केवल राज्यसभा और कर्नाटक विधान परिषद चुनावों तक सीमित थी।“आज की चर्चा केवल राज्यसभा चुनावों और MLC चुनावों के बारे में थी। जो अटकलें आप लगा रहे हैं, वे सही नहीं।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक का औपचारिक एजेंडा राज्यसभा और कर्नाटक विधान परिषद चुनावों पर चर्चा था। कर्नाटक से खाली हो रही चार राज्यसभा सीटों में से कांग्रेस तीन जीतने की उम्मीद है, जबकि भाजपा को एक सीट मिल सकती है। खरगे को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकित किए जाने की संभावना है, जबकि पार्टी डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश के नाम पर भी विचार कर रही है, साथ ही महिला या ओबीसी उम्मीदवार की भी संभावना है।










