Share market : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 12 मार्च 2026 को भी लाल निशान छाया रहा। बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला, जहां सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 992 अंक से ज्यादा गिरकर 75,871 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 310 अंक टूटकर 23,556 पर आ गया। पिछले दिन बुधवार को सेंसेक्स 1,342 अंक गिरकर 76,863 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 395 अंक फिसलकर 23,867 के पास बंद हुआ।
क्यों हो रही है इतनी गिरावट?
मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है, खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण। इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जबकि WTI क्रूड भी 95 डॉलर के आसपास पहुंचा। तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे तेल आयातक देश पर दबाव बढ़ता है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
रुपये पर भी असर
डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया 31 पैसे गिरकर 92.32 पर आ गया, जो हाल के रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब है। मजबूत डॉलर और सुरक्षित निवेश की ओर निवेशकों का रुझान भी बाजार पर भारी पड़ रहा है।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
एशियाई बाजारों में भी लाल निशान दिखा। जापान का निक्केई 1.5% गिरा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% नीचे आया, हांगकांग का हैंग सेंग 1.2% और शंघाई कंपोजिट 0.5% गिरा। अमेरिकी वायदा बाजार में भी 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई।
यह गिरावट वैश्विक अनिश्चितता से जुड़ी है। अगर मिडिल ईस्ट तनाव लंबा चला तो तेल कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिससे भारत में महंगाई बढ़ सकती है और शेयर बाजार पर दबाव बना रह सकता है।








