बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से एक दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accident) की खबर सामने आई है। बलरामपुर के पीपरसोत गांव से पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकली स्कूल की बस झारखंड सीमा के पास ओरसा घाटी में पलट गई। इस भीषण हादसे में मौके पर ही पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
हादसा रविवार सुबह उस वक्त हुआ, जब बस झारखंड के सीमावर्ती लातेहार जिले के एक गांव की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि बस में एक ही गांव और ज्यादातर एक ही परिवार के 80 से 100 लोग सवार थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बस जब घुमावदार और खतरनाक ओरसा घाटी से गुजर रही थी, तभी अचानक चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया। बस बेकाबू होकर पलटती हुई कई फीट नीचे घाटी में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बस पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इस दुर्घटना में पांच महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही बलरामपुर से छत्तीसगढ़ पुलिस के दर्जनों जवान राहत-बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया।
घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बलरामपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे की खबर जैसे ही पीपरसोत गांव पहुंची, वहां शोक और मातम का माहौल बन गया। एक ही गांव और एक ही परिवार की महिलाओं की मौत से गांव में कोहराम मच गया है। परिजन अस्पतालों और घटनास्थल की ओर दौड़ते नजर आए।
दोनों राज्यों की सरकारें अलर्ट
हादसे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर प्रशासन को तत्काल अलर्ट किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को समुचित और त्वरित इलाज उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन राहत और चिकित्सा व्यवस्था में कोई कमी न छोड़े।
वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर घायलों को रांची के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया जाए, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। दोनों राज्यों के प्रशासन आपसी समन्वय से राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और घाटी के खतरनाक मोड़ को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि बस की तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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