हाईकोर्ट ने धड़ाधड़ पैरोल पा रहे गुरमीत रामरहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या में दोषमुक्त किया

Ram Rahim

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पत्रकार राम चंदर छत्रपति हत्या मामले में बरी कर दिया है।

बार एंड बेंच के अनुसार चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया, जिसमें राम रहीम को दोषी ठहराया गया था। हाईकोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों कृष्ण लाल, कुलदीप सिंह और निर्मल सिंह की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है।

फिलहाल राम रहीम जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वे अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं। 2019 में पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम और तीन अन्य को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 120B (षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

यह मामला 2002 का है, जब सिरसा के स्थानीय अखबार ‘पूर्ण सच्चा’ में एक गुमनाम पत्र प्रकाशित हुआ था, जिसमें राम रहीम पर डेरा मुख्यालय में महिलाओं के यौन शोषण का आरोप लगाया गया था। पत्र प्रकाशित होने के बाद अगस्त 2002 में पत्रकार राम चंदर छत्रपति पर गोली चलाई गई थी। छत्रपति की नवंबर 2002 में मृत्यु हो गई, 2003 में राम रहीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 2006 में जांच CBI को सौंपी गई।

राम रहीम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें उन्हें अब बरी कर दिया गया है। डिवीजन बेंच ने ट्रायल कोर्ट के राम रहीम को दोषी ठहराने वाले फैसले को पलट दिया।

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