मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत पर हमला, जन आक्रोश यात्रा में पगड़ी उछाली

द लेंस डेस्क | RAKESH TIKAIT : मुजफ्फरनगर में कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में आयोजित जन आक्रोश यात्रा के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर हमला हुआ। टाउन हाल मैदान में हिंदू संगठनों और व्यापारिक समूहों की भीड़ ने टिकैत का तीखा विरोध किया, “राकेश टिकैत वापस जाओ” के नारे लगाए और एक युवक ने उनकी पगड़ी उछाल दी। हंगामे और खींचतान के बीच पुलिस ने टिकैत को सुरक्षित निकाला लेकिन इस घटना ने स्थानीय स्तर पर तनाव को हवा दे दी।

हंगामे का पूरा घटनाक्रम

2 मई 2025 को मुजफ्फरनगर में पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ जन आक्रोश यात्रा की तैयारी थी। दोपहर 3 बजे से बाजार बंद कर दिए गए और लोग टाउन हाल मैदान में जुटने लगे। शाम 5 बजे यात्रा शुरू होने से पहले मैदान में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। यशवीर महाराज, पूर्व विधायक अशोक कंसल और व्यापारी नेता संजय मित्तल ने आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी के साथ भीड़ को संबोधित किया। राकेश टिकैत ने एक दिन पहले ऐलान किया था कि वह अपने समर्थकों के साथ इस यात्रा में शामिल होंगे। लेकिन जैसे ही वह मैदान में पहुंचे माहौल बदल गया।

विरोध की शुरुआत: भीड़ ने टिकैत के खिलाफ “वापस जाओ” और “किसान आंदोलन मुर्दाबाद” के नारे लगाए। कुछ लोगों ने उन्हें “राष्ट्र-विरोधी” कहकर निशाना बनाया।
पगड़ी पर हमला: हंगामे के बीच एक युवक ने टिकैत की ओर झंडा उछाला, जिससे उनकी पगड़ी जमीन पर गिर गई। यह घटना टिकैत के समर्थकों के लिए अपमानजनक थी, और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई।
पुलिस का हस्तक्षेप: भीड़ ने टिकैत को घेर लिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बीच टिकैत को सुरक्षित निकाला गया। उनके समर्थक भी मैदान छोड़कर चले गए।

राकेश टिकैत का बयान

घटना के बाद टिकैत ने कहा, “यह किसान आंदोलन को तोड़ने की साजिश है। आतंकवाद के खिलाफ हम भी जनता के साथ हैं, लेकिन कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए माहौल खराब कर रहे हैं। पगड़ी उतारना हमारी संस्कृति का अपमान है। हम जल्द ट्रैक्टर मार्च निकालकर इसका जवाब देंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ ताकतें किसानों की एकता को कमज़ोर करना चाहती हैं।

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