रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर पुलिस कमिश्नरेट (Raipur Police) की एक टीम को असम के गुवाहाटी में हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। यह टीम डिजिटल अरेस्ट से जुड़े ठगी केस की जांच के सिलसिले में वहां पहुंची थी।
हिरासत में जिन पुलिस कर्मियों को लिया गया था, उसमें टिकरापारा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र यादव भी शामिल थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोप था कि टीम ने पकड़े गए आरोपियों से पैसे लेकर उन्हें छोड़ दिया। इसी शिकायत के आधार पर गुवाहाटी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी रविंद्र यादव, एक एएसआई और एक हवलदार समेत टीम को हिरासत में लिया था।
बताया जा रहा है कि करीब 24 घंटे तक पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर टीम को छोड़ दिया गया। इसके बाद सभी अधिकारी रायपुर लौट आए हैं।
इस पूरे मामले में रायपुर पश्चिम के डिप्टी पुलिस कमिश्नर संदीप पटेल ने सफाई देते हुए कहा कि जांच के दौरान टीम ने रकम जब्त की थी, लेकिन आरोपियों के परिजनों ने उसी रकम को घूस बताकर गलत जानकारी फैला दी।
मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज डिजिटल अरेस्ट ठगी केस से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता से खुद को सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए डराया गया था और बैंक खातों की जांच के नाम पर लाखों रुपये ट्रांसफर कराए गए थे। इसी केस के आरोपियों की तलाश में रायपुर पुलिस गुवाहाटी पहुंची थी।
घटना के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।











