नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रोजेक्टर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण दिखाते हुए आरोप लगाया कि उनकी सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि यह छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने इसे अपराध बताते हुए कहा कि दलितों पर सदियों से अत्याचार हो रहा है।
क्या कहा राहुल गांधी ने?
राहुल ने कहा कि 8 अगस्त को खड़गे मंदिर गए थे। 10 अगस्त को मंदिर का शुद्धिकरण हुआ। बीजेपी के उत्तराखंड नेता ने इसे सही बताया। उन्होंने कहा कि यह एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध है और दोषियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अनटचेबिलिटी क्राइम है। हमें अपने अध्यक्ष के लिए इंसाफ चाहिए। हम इसे नहीं छोड़ेंगे।’
राहुल ने आगे कहा कि देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। एक संविधान की और दूसरी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा। उन्होंने स्कूलों में बच्चों से झाड़ू लगवाने, कुएं से पानी न पीने देने और बारात में दलितों को घोड़े पर चढ़ने से रोकने जैसे उदाहरण भी दिए।
पत्रकारों के सवालों पर जवाब
एक सवाल पर राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री चुप हैं क्योंकि यह उनकी विचारधारा है। मायावती कुछ बोलें या न बोलें, कांग्रेस को सिर्फ कार्रवाई चाहिए। उन्होंने कहा कि खड़गे के साथ जो हुआ, वह सिर्फ नेताओं का मुद्दा नहीं, बच्चों से लेकर बड़ों तक का मुद्दा है। अगर पार्टी अध्यक्ष के साथ ऐसा हो सकता है तो आम दलित के साथ क्या होगा।
भाजपा का जवाब
भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने वंदे मातरम के गायन का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि कांग्रेस इस मामले को नहीं छोड़ेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी।








