लेंस न्यूज़। विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने देशभर में अपने हक और अन्याय के खिलाफ लड़ रहे लोगों की आवाजों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नाम की नई पहल शुरू की है उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो भी किसी अन्याय से जूझ रहे हैं, वे अपनी कहानी भेजें। नेता विपक्ष के रूप में वे संसद से लेकर सड़क तक उनके साथ खड़े रहेंगे।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देशभर में जेन-जी, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। अक्सर यह लड़ाई अकेले लड़ी जा रही है। अकेली आवाज आसानी से दब जाती है। सत्याग्रह इन्हीं आवाजों को एक नक्शे पर साथ लाने की कोशिश है। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने सिखाया था कि सच सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन उससे भी बड़ा हथियार है एकता में सच के साथ खड़े होना।
महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ा नाम
इस पहल का नाम महात्मा गांधी के सत्याग्रह से लिया गया है। आजादी की लड़ाई के दौरान गांधीजी ने भी लोगों से अपनी समस्याएं बताने को कहा था। गांधी हेरिटेज पोर्टल के अनुसार उस समय जमीन, संपत्ति, जेल और अन्याय से जुड़े हजारों पत्र गांधीजी को भेजे गए थे। आज भी 8,500 से ज्यादा पत्र रिकॉर्ड में मौजूद हैं। वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि कहानी भेजने में सिर्फ दो मिनट लगेंगे। इससे लोग देख सकेंगे कि उनकी तरह और कौन-कौन संघर्ष कर रहा है।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का कार्यक्रम
इसी बीच विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव करेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट छात्र संगठन भी प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने वाले हैं।










