रायपुर। राशन कार्ड के नए सॉफ्टवेयर ‘स्मार्ट पीडीएस’ (Smart PDS) में आ रही तकनीकी और दूसरी परेशानियों को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और रायपुर ग्रामीण के पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने स्मार्ट पीडीएस को तुरंत बंद कर पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की है।
पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि नए राशन कार्ड बनवाने और परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए जाति प्रमाण-पत्र अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है। उनका कहना है कि जन्म या शादी के बाद परिवार में जुड़े कई नए सदस्यों के पास जाति प्रमाण-पत्र नहीं होता। ऐसे में उनका नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पा रहा है। इसके अलावा दूसरे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने में भी लोगों को परेशानी हो रही है।
तकनीकी खामियों से बढ़ी लोगों की परेशानी
शर्मा ने कहा कि सॉफ्टवेयर में बदलाव और नए नियमों की वजह से गरीब और आम लोगों को राशन कार्ड में बदलाव कराने और परिवार के नए सदस्यों का नाम जोड़ने में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। शर्मा ने यह भी कहा कि राशन कार्ड में आ रही इन दिक्कतों का असर आयुष्मान योजना का लाभ लेने पर भी पड़ सकता है। इससे लोगों को इलाज और राशन जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
पुरानी व्यवस्था फिर लागू करने की मांग
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में शर्मा ने कहा है कि अगर इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आम जनता का गुस्सा सड़क पर दिखाई दे सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से लोगों की परेशानी को देखते हुए स्मार्ट पीडीएस सिस्टम को वापस लेने, पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश देने की मांग की है।









