राशन दुकान विवाद में पत्रकार पर FIR के बाद SC/ST एक्ट की मांग, दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भेड़ी की शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर हुआ विवाद का मामला आमने आया है जिसमें उचित मूल्य दुकान संचालक चंद्रभान टेमरे के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने गांव के ही पत्रकार एवं व्यवसायी जयप्रकाश सिन्हा के खिलाफ FIR दर्ज की है।

अब संचालक द्वारा SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है। वहीं पत्रकार जयप्रकाश सिन्हा ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए संचालक के जाति प्रमाण पत्र, गवाहों की सत्यता और दुकान संचालन की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं।

जानें क्या है विवाद ?

घटना 29 जुलाई की बताई जा रही है। शासकीय उचित मूल्य की दुकान में राशन वितरण के दौरान पत्रकार जयप्रकाश सिन्हा के पिता खाद्यान्न लेने पहुंचे थे। संचालक चंद्रभान टेमरे के अनुसार, स्टॉक खत्म होने या तकनीकी लिमिट पूरी होने के कारण उन्होंने नियमानुसार एक-दो दिन बाद राशन ले जाने को कहा। इसके बाद जयप्रकाश सिन्हा मौके पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ।

संचालक चंद्रभान टेमरे का आरोप है कि जयप्रकाश सिन्हा ने दुकान में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इस शिकायत पर डौंडीलोहारा पुलिस ने 23 अगस्त को जयप्रकाश सिन्हा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296 और 351(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। बताया गया कि बाद में दोनों पक्षों में सुलह के प्रयास भी हुए, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।

दूसरी ओर, जयप्रकाश सिन्हा का कहना है कि घटना के दौरान उनके साथ भी हाथापाई की गई थी और उन्होंने अपनी पत्नी के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए थाने में लिखित शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने उनके पक्ष पर समान रूप से कार्रवाई नहीं की।

SC/ST एक्ट की मांग और जाति प्रमाण पत्र पर सवाल

मामले में नया मोड़ तब आया जब संचालक चंद्रभान टेमरे ने थाने में आवेदन देकर खुद को अनुसूचित जाति वर्ग का बताते हुए SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में जयप्रकाश सिन्हा ने संचालक के जाति वर्ग पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने 2019-20 के एक पुराने निर्वाचन प्रकरण में तत्कालीन एसडीएम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए दावा किया कि पूर्व में चंद्रभान टेमरे को अनुसूचित जाति वर्ग में स्वीकार नहीं किया गया था।

जयप्रकाश का कहना है कि उस पुराने प्रकरण के आवेदक से उनकी मित्रता के चलते संचालक पूर्व से रंजिश रखते हैं। उन्होंने प्रशासन से वर्तमान में प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र की वैधता और उसके जारी होने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

CCTV फुटेज, गवाहों और दुकान संचालन को लेकर सवाल

पत्रकार जयप्रकाश सिन्हा ने दर्ज मामले में प्रस्तुत गवाहों और राशन दुकान संचालन को लेकर भी कई बिंदु उठाए है – जयप्रकाश का दावा है कि संचालक द्वारा पुलिस को बताए गए पांच गवाहों में से चार व्यक्ति घटना के समय CCTV फुटेज में मौके पर मौजूद नहीं दिखते। उन्होंने मुख्य गवाह सेवकराम सिन्हा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2024 में एक बच्चे की मृत्यु के मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद सेवकराम की पत्नी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) पर प्रशासनिक कार्रवाई हुई थी, जिस कारण वे व्यक्तिगत द्वेष रखते हैं। जयप्रकाश का यह भी आरोप है कि चंद्रभान टेमरे ‘जय गौरी माता खाद्य सुरक्षा सहकारी समिति’ के अध्यक्ष हैं।

एसडीएम डौंडीलोहारा द्वारा 6 जनवरी 2021 को जारी प्राधिकार पत्र की कंडिका 23 के अनुसार समिति अध्यक्ष स्वयं दुकान का संचालन नहीं कर सकता, इसके लिए विक्रेता नियुक्त होना चाहिए।

दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क, जांच में जुटी पुलिस

संचालक चंद्रभान टेमरे का कहना है कि वे नियम सम्मत राशन वितरण का कार्य कर रहे थे और उनके साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता व हिंसा की गई, इसलिए वे कानून सम्मत न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं जयप्रकाश सिन्हा का आरोप है कि राशन दुकान में कथित अनियमितताओं को लेकर पूर्व में सीएम हेल्पलाइन व प्रशासन को की गई शिकायतों के चलते उन्हें स्थानीय रसूखदारों के दबाव में निशाना बनाया जा रहा है।

डौंडीलोहारा पुलिस थाने के प्रभारी अविनाश सिंह के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अग्रिम कानूनी प्रक्रिया जारी है। संचालक द्वारा SC/ST एक्ट को लेकर दिए गए आवेदन और पत्रकार पक्ष द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेजों व साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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