मुंबई। गांधी जयंती के दिन शुक्रवार को मुंबई का शिवाजी पार्क मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बना। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठे सवालों और चुनाव आयोग में सामने आए कथित मतभेदों की पृष्ठभूमि में किया गया।
पुलिस ने नहीं दी थी प्रदर्शन की अनुमति
मुंबई पुलिस ने पहले ही शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद CJP ने इसे ‘जेल भरो आंदोलन’ के रूप में करने का ऐलान किया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना था कि वे प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगे। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शुक्रवार को समर्थक शिवाजी पार्क पहुंचने लगे।
CJP की ओर से कहा गया है कि आंदोलन का उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। संगठन ने SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
दोपहर बाद बढ़ी भीड़, कई चेहरे पहुंचे

शुक्रवार दोपहर तक शिवाजी पार्क के आसपास प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ती गई। CJP के अलावा कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समूहों से जुड़े लोग भी वहां पहुंचे। प्रदर्शन स्थल पर CEC के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और नारे लगाए गए।
वहीं अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की। दीपके ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
पवन खेड़ा ने सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार कुमार के पद पर बने रहने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। खेड़ा ने इस समर्थन को लेकर सरकार और चुनाव आयुक्त के बीच संबंधों पर सवाल उठाए।
हालांकि, यह पवन खेड़ा का राजनीतिक बयान है और इसे उनके आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जावेद अख्तर ने स्थानीय लोगों की आपत्ति का किया जिक्र

प्रदर्शन से पहले शिवाजी पार्क के कुछ स्थानीय निवासियों और कारोबारियों ने भी आयोजन पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इलाके में बार-बार होने वाले बड़े प्रदर्शनों से रोजमर्रा के काम और कारोबार प्रभावित होते हैं। कुछ स्थानीय कारोबारियों ने दावा किया कि ऐसे आयोजनों के दौरान उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद रखने पड़ते हैं।
लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने स्थानीय लोगों की इस आपत्ति पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय लोग राजनीतिक दलों के आयोजनों के समय भी इसी तरह की आपत्ति उठाएं तो यह मुद्दा अधिक व्यापक रूप से देखा जाएगा।
‘जेल भरो आंदोलन’ से आगे बढ़ाने की तैयारी
CJP ने पहले ही संकेत दिया था कि मुंबई से शुरू होने वाला आंदोलन आगे दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा। संगठन के मुताबिक गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता में भी आंदोलन की योजना है। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
इस बीच मुंबई का शिवाजी पार्क शुक्रवार को राजनीतिक मांग, चुनाव आयोग की जवाबदेही और सार्वजनिक प्रदर्शन के अधिकार को लेकर चल रही बहस का केंद्र बना रहा। एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोगों की ओर से सार्वजनिक जगह और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।









