नई दिल्ली। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि चुनौती दिए 24 घंटे हो चुके हैं। राहुल ने वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका के साथ समझौते, अदाणी मामले और विदेशी संबंधों पर चर्चा की मांग की। उन्होंने मोहन भागवत को निर्णायक बनाने का विकल्प भी दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने के 24 घंटे बाद एक बार फिर उन पर निशाना साधा है। राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री से बहस के लिए सामने आने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी जगह का चुनाव कर सकते हैं और इस बहस में मीडिया, देश के युवा और जज के तौर पर अपनी पसंद के व्यक्ति को भी शामिल कर सकते हैं। राहुल ने यहां तक कहा कि मोहन भागवत को भी जज बनाया जा सकता है।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा:
“24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।
देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत।”
मोहन भागवत को जज बनाने का सुझाव
राहुल गांधी ने बहस का प्रारूप बताते हुए कहा कि इसमें दोनों नेता आमने-सामने बैठेंगे और मीडिया के साथ देश के युवा भी मौजूद रहेंगे।
“दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी, एक साइड आप बैठोगे, एक साइड मैं बैठूंगा। जिसको आप जज बनाना चाहते हो, बना दो। मोहन भागवत जी को बिठा दो, चलो। और फिर डिबेट करते हैं।”
यूएस डील, अदाणी केस और एपस्टीन का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि इस बहस में वित्तीय व्यवस्था, वित्तीय ढांचे, अमेरिका के साथ हुई डील और अदाणी मामले पर भी खुलकर चर्चा होगी। उन्होंने सवाल उठाए:
- यूएस डील कैसे हुई, क्यों हुई और इतनी जल्दी क्यों हुई?
- इसे सिर्फ प्रधानमंत्री ने क्यों किया और कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?
- अदाणी का केस बंद क्यों हुआ?
- एपस्टीन का मुद्दा।
उन्होंने कहा, “सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, यूएस डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अदाणी का केस बंद क्यों हुआ, एपस्टीन— ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसपे खुलकर डिस्कशन होगा।”
मानहानि के 45 केसों का जिक्र
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री उनके खिलाफ आरोप लगाते हैं, तो उन्हें खुली बहस के लिए सामने आना चाहिए।
“आ जाइए, डरिए मत। दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए। आप आरोप लगाते हैं ना मेरे ऊपर, आ जाइए, सब साफ हो जाएगा।”
राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमों का भी जिक्र किया:
“बाकी चीजों पे आपने मानहानि केस लगा रखा है, शायद 45 मानहानि के केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट मामले पे, विदेशी संबंधों पर आप मानहानि नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहां भी डिस्कस करेंगे, खुल के। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए।”
अपनी पोस्ट के अंत में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए लिखा:
“हैप्पी दीवाली, मोदी जी।”
राहुल गांधी ने पहले क्या कहा था?
राहुल गांधी ने एक दिन पहले (2 नवंबर) भी प्रधानमंत्री पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि प्रधानमंत्री देश से झूठ बोलना बंद करें। उन्होंने दावा किया कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही पद पर बने हुए हैं। साथ ही कहा कि देश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन से चल रही है। उन्होंने विदेशी सोशल मीडिया के भी प्रधानमंत्री के समर्थन में होने का आरोप लगाया था और खुली बहस की चुनौती दी थी।










