रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर (Saurabh Chandrakar)को CBI की टीम रायपुर लेकर पहुंच गई है। लेकिन उसे एयरपोर्ट से CBI दफ्तर ले जाने के तरीके ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि चंद्राकर को मीडिया के कैमरों से बचाने के लिए एयरपोर्ट की लाइटें तक बंद करवा दी गईं। इसके बाद CBI की टीम उसे लेकर सीधे दफ्तर रवाना हो गई। हालाँकि, लाइटें बंद करवाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सवाल यह है कि हजारों करोड़ रुपये के कथित सट्टेबाजी कारोबार के मुख्य आरोपी को मीडिया से बचाने की ऐसी क्या जरूरत पड़ गई?
CBI दफ्तर की सुरक्षा बढ़ी, कल कोर्ट में पेशी
सौरभ चंद्राकर के रायपुर पहुंचने के बाद CBI दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बुधवार को उसे विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ जांच एजेंसी पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चंद्राकर के वकीलों ने उसके प्रत्यर्पण और CBI की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए थे। बचाव पक्ष का दावा है कि चंद्राकर को ओमान से केवल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रत्यर्पित किया गया है।
सट्टे के हजारों करोड़ रुपये कहाँ गए, किसे मिला संरक्षण?
महादेव ऐप मामले में करीब छह हजार करोड़ रुपये के कथित अवैध लेनदेन की जांच चल रही है। चंद्राकर और उसके सहयोगियों पर दुबई से ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाने के आरोप हैं। इस मामले में नेताओं, अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। अब चंद्राकर के भारत आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने बड़े नेटवर्क को किसका संरक्षण मिला और अवैध कमाई का पैसा किन लोगों तक पहुंचा? CBI की जांच इन सवालों का जवाब दे पाएगी या मामला केवल गिरफ्तारी और रिमांड तक सीमित रह जाएगा?










