रांची। झारखंड में PSC-JSSC परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन स्वतंत्रता दिवस पर भी जारी रहा। आंदोलन के 22वें दिन छात्रों ने रांची में 300 मीटर लंबे तिरंगे के साथ तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) निकाली, लेकिन इस दौरान अनशनकारी छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को प्रशासन ने अस्पताल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
महतो पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद रांची सदर अस्पताल में भर्ती हैं। वे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों की तिरंगा यात्रा में शामिल होकर झंडा फहराना चाहते थे। हालांकि, प्रशासन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल से बाहर जाने से रोक दिया।
महतो और पुलिस के बीच इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। सदर अस्पताल के ICU के बाहर छात्र और पुलिस आमने-सामने आ गए। अस्पताल के मेन गेट से लेकर ICU तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी को भी ICU के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
अस्पताल में रोके जाने पर देवेंद्रनाथ महतो ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘मुझे स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने से रोका जा रहा है, क्या यही आजादी है?’
वहीं प्रशासन का कहना है कि महतो की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
300 मीटर तिरंगे के साथ निकली यात्रा
छात्रों की तिरंगा यात्रा रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुई और कचहरी चौक होते हुए लालपुर पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। छात्रों ने वंदे मातरम् के नारे लगाए और सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की।
दुमका से यात्रा में शामिल होने पहुंचे छात्र नीरज कुमार ने कहा कि छात्रों को न्याय चाहिए, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। छात्रों का आरोप है कि PSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पांच छात्र अब भी भूख हड़ताल पर
झारखंड में छात्र आंदोलन का आज 22वां दिन है। आंदोलनकारी छात्रों में से पांच अब भी भूख हड़ताल पर हैं। उनकी नियमित मेडिकल जांच की जा रही है।
इससे पहले शुक्रवार शाम छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला था। यहां आंदोलनकारी छात्रों ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह और JSSC सचिव सुधीर गुप्ता के पुतले फूंके।









