‘मन की बात’ में फिर गूंजा छत्तीसगढ़, कोरबा के ‘कैच द रेन’ अभियान की पीएम मोदी ने की तारीफ

Mann Ki Baat

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के 136वें एपिसोड में एक बार फिर छत्तीसगढ़ का उल्लेख किया। इस बार उन्होंने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा जिले में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

प्रधानमंत्री ने वर्षा जल संचयन, पुराने जल स्रोतों के संरक्षण और जनभागीदारी से जल बचाने की मुहिम को देशभर में आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया।

यह लगातार दूसरा-तीसरा अवसर नहीं, बल्कि पिछले कुछ महीनों से ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का लगातार उल्लेख हो रहा है।

प्रधानमंत्री इससे पहले बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति जैसे विषयों का जिक्र कर चुके हैं। इससे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक, सामाजिक और विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पहचान मिल रही है।

हालांकि, 31 मई को प्रसारित ‘मन की बात’ के एक एपिसोड में प्रधानमंत्री ने मल्हार में मिली बालार्जुन ताम्रपट्टिकाओं का उल्लेख करते हुए उसकी भाषा पाली बताई थी। बाद में यह मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंचा।

सदन में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन ताम्रपट्टिकाओं की भाषा संस्कृत है। इसे लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दी गई जानकारी की शुद्धता पर भी राजनीतिक बहस छिड़ गई थी।

कैच द रेन अभियान की जमकर की तारीफ

इस बार प्रधानमंत्री ने कोरबा में वैज्ञानिक तरीके से किए जा रहे जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के प्रयासों का उल्लेख किया। यहां भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है।

राज्य सरकार भी जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों के संरक्षण और वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री बोले- यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात

राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवाओं और आम नागरिकों के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मन की बात’ सुनी। प्रधानमंत्री को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उल्लेख किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देशभर में हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन चुका है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, नवाचारों और विकास कार्यों को लगातार राष्ट्रीय मंच मिलने से प्रदेशवासियों का उत्साह बढ़ा है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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