पहलगाम में रक्तपात के विरोध में कश्मीरी अखबारों का पहला पन्ना काला

April 24, 2025 2:02 AM
पहलगाम आतंकी हमला

पहलगाम आतंकी हमला: जम्मू कश्मीर के कई प्रमुख समाचार पत्रों ने बुधवार को पहलगाम पहाड़ी रिसॉर्ट में हुए क्रूर आतंकवादी हमले के विरोध में अपने पहले पन्ने काले रंग से रंग दिए हैं । ग़ौरतलब है कि इस हमले में 26 लोग मारे गए हैं जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।

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समाचार पत्रों द्वारा विरोध जताने का यह अनोखा तरीक़ा चर्चा में हैं जिसमें प्रत्येक ने सफेद या लाल रंग में शक्तिशाली शीर्षक दिए। कश्मीर के स्वतंत्र पत्रकार फ़ज़ान ने द लेंस से बातचीत में कहा कि यह कश्मीर के समाचार पत्रों और अख़बारों की एकजुटता और दुख की शक्तिशाली अभिव्यक्ति है। पहलगाम में हुए अमानवीय कृत्य को कश्मीर के निवासियों और मीडिया ने पुरजोर आलोचना की है और हम सब प्रभावित परिवारों के दुख में शामिल हैं।

ग्रेटर कश्मीर, राइजिंग कश्मीर, कश्मीर उज्मा, आफताब, कश्मीर ऑब्सर्वर, और तैमील इरशाद सहित प्रमुख अंग्रेजी और उर्दू दैनिकों द्वारा काले किए गए पन्ने दशकों से कश्मीर में जारी हिंसा के ख़िलाफ़ सामूहिक विरोध का प्रतीक है।

झकझोरने वाले शीर्षक 

प्रमुख अंग्रेजी दैनिक ग्रेटर कश्मीर ने काले लेआउट पर सफेद रंग में शीर्षक दिया, “बर्बर : कश्मीर तबाह, कश्मीरी शोक में”, उसके बाद लाल रंग में उपशीर्षक दिया, “पहलगाम में घातक आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए”।

ग्रेटर कश्मीर के पहले पन्ने के संपादकीय में शीर्षक था, “घास के मैदान में नरसंहार – कश्मीर की आत्मा की रक्षा करें।” इसमें कहा गया है कि इस हमले ने जम्मू-कश्मीर पर काली छाया डाल दी है, जो एक ऐसा क्षेत्र है जो “धरती पर स्वर्ग” की अपनी विरासत को पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है।

पहलगाम आतंकी हमला: घास के मैदान में खून

कश्मीर ऑब्सर्वर ने शीर्षक लगाया है घास के मैदान में खून: पहलगाम में भयभीत करने वाला दिन 26 की मौत”, ऑब्सर्वर ने फ़्रंट पेज जैकेट पहलगाम में हुई घटना को समर्पित किया है। राइजिंग कश्मीर ने भी “आतंक का पहलगाम पर हमला”शीर्षक से पूरा पहला पेज इस घटना को दिया है। भीतर के पन्नों पर भी तफ़सील से रिपोर्ट की गई है। ग़ौरतलब है कि कश्मीर में पत्रकारिता कई देशों से चुनौती भरा काम है पिछले कुछ वर्षों में कई अख़बार बंद हो चुके हैं वहीं कई पत्रकारों को जेल जाना पड़ा है।

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