नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दौर में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा बुधवार को भी लोकसभा में छाया रहा। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के सदन में आने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली किसने चलवाई और कार्रवाई का आदेश किसने दिया?
हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को भेजा गया पत्र सदन में पढ़कर सुनाया गया। शाह ने पत्र में कहा है कि सरकार इस मुद्दे समेत सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है और वह सदन में मौजूद रहकर सभी पक्षों को सुनेंगे तथा चर्चा के बाद जवाब देंगे। इसके बावजूद हंगामा नहीं थमा और आखिरकार लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
शाह बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार
अमित शाह ने अपने पत्र में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि सरकार NEET परीक्षा पर छात्र आंदोलन के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो रही है और इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं।
शाह ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि चर्चा के लिए समय तय किया जाए। उन्होंने कहा कि वह सदन में मौजूद रहेंगे, सभी सदस्यों को सुनेंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विवादों और समस्याओं का समाधान चर्चा और संवाद के जरिए ही निकाला जा सकता है। उन्होंने सदन में सकारात्मक माहौल में चर्चा कराने की अपील की।
इससे पहले शाह ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। आज दोपहर 3 बजे से कल दोपहर 3 बजे तक चर्चा की जा सकती है। मैं सदन में बैठूंगा, सबको सुनूंगा और कल जवाब दूंगा।
राहुल गांधी ने कहा- हमें लेक्चर नहीं चाहिए
वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को उनका भाषण या लेक्चर नहीं सुनना है। विपक्ष यह जानना चाहता है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी ने सवाल किया कि छात्रों पर गोली किसने चलवाई? कीलों वाली लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया? उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह ने ऐसा आदेश दिया है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री पिछले कई दिनों से सदन में नहीं आ रहे हैं। हालांकि, अमित शाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह सत्र शुरू होने के बाद से रोज संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं।
शाह बोले- सदन चलने नहीं दिया जा रहा
गृह मंत्री ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा तो सदन में जाकर क्या किया जाए।
शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह इस मुद्दे पर चर्चा के साथ-साथ इस बात पर भी चर्चा करने को तैयार है कि विपक्ष चर्चा क्यों नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि अब जनता तय करे कि वास्तव में चर्चा से कौन भाग रहा है।
खरगे ने भी साधा निशाना, नड्डा का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री की सदन में गैरमौजूदगी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का किसी कारण से अनुपस्थित रहना अलग बात है, लेकिन गृह मंत्री का लगातार सदन में नहीं आना सवाल खड़ा करता है।
वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार साफ कर चुकी है कि वह चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से चर्चा से नहीं भागने की अपील की।
FCRA संशोधन बिल JPC को भेजने का प्रस्ताव
संसद में हंगामे के बीच FCRA संशोधन बिल, 2026 को दोनों सदनों की संयुक्त समिति यानी JPC के पास भेजने का प्रस्ताव भी लोकसभा में रखा गया। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय की ओर से रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार बिल को JPC के पास भेज रही है और विपक्ष अपनी आपत्तियां समिति के सामने रख सकता है।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने FCRA बिल का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इसे अल्पसंख्यकों को दबाने के लिए लाया जा रहा है।
संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
सदन के अंदर हंगामे के साथ संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने ‘अमित शाह जवाब दो’ के नारे लगाए, जबकि NDA सांसदों ने विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसदों ने रांची में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया और विपक्ष से सवाल किया कि वह इस मामले पर चुप क्यों है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने रांची में छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा की है।









