नई दिल्ली: (Indian Railways) ने यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ाने के लिए नए दंड नियम 2026 लागू किए हैं। अब ट्रेनों में प्रतिबंधित या आपत्तिजनक सामान ले जाने पर न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। रेल मंत्रालय ने नियमों को और सख्त बनाते हुए जुर्माने की राशि काफी बढ़ा दी है।रेल मंत्रालय ने 19 जून 2026 को जारी नोटिफिकेशन में कहा कि जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत केंद्र सरकार ने यह प्रावधान लागू किया है।
अब कितना जुर्माना देना होगा?
नए अधिनियम के तहत धारा 165 के अपराधों के लिए ट्रेन में आपत्तिजनक या प्रतिबंधित वस्तुएं लाने या पहुंचाने पर न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। साथ ही, रेलवे को हुई किसी भी हानि या क्षति के लिए संबंधित व्यक्ति उत्तरदायी होगा। जुर्माना न भरने पर एक साल की कैद, या न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना, या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
पहले कितना था जुर्माना?
पहले रेल अधिनियम 1989 की धारा 67, 154, 164 और 165 के तहत ज्वलनशील और विस्फोटक सामान ले जाना दंडनीय था। उल्लंघन पर तीन साल तक की कैद, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता था। इसके अलावा क्षति का मुआवजा भी देना पड़ता था।ट्रेन में क्या-क्या नहीं ले जा सकते यात्री?रेलवे के अनुसार, यात्री कोच में निम्नलिखित चीजें ले जाना प्रतिबंधित है
- स्टोव
- गैस सिलेंडर
- केरोसिन तेल
- पेट्रोल
- आतिशबाजी
- माचिस
- सिगरेट
- धारदार हथियार
- बंदूक
- चुनावी पोस्टर आदि
क्या है नई सजा का प्रावधान?
जन विश्वास प्रावधानों में संशोधन अधिनियम-2026 के अनुसार:
- यदि कोई व्यक्ति धारा 67 का उल्लंघन करते हुए खतरनाक/हानिकारक वस्तु साथ ले जाता है या रेलवे को सौंपता है, तो उसे सामान हटाने और हुई क्षति के बराबर जुर्माना देना होगा, जो 10 हजार रुपये से कम नहीं होगा।
- यदि व्यक्ति जुर्माना या सामान हटाने से इनकार करता है, तो रेलवे कर्मचारी सक्षम अदालत में आवेदन कर सकता है। अदालत राशि वसूलने का आदेश देगी और भुगतान न करने पर एक साल तक की जेल या कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों सजा दे सकती है।
- महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में घुसकर यात्रा करने पर 2500 का जुर्माना लगाया जाएगा।











