NEET-PG Exam: नीट पीजी 2026 परीक्षा के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तकनीकी समस्या की शिकायत सामने आई है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रज्ञा मंडपम सेंटर में परीक्षा दे रहे कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद एक कक्ष में कंप्यूटर बंद होने लगे। देखते ही देखते करीब 40 सिस्टम काम करना बंद कर गए।
बिलासपुर सेंटर पर क्या हुआ?
अभ्यर्थियों के अनुसार तकनीकी समस्या के कारण करीब एक घंटे तक परीक्षा प्रभावित रही। सिस्टम दोबारा चालू करने पर कुछ कंप्यूटरों पर परीक्षा सॉफ्टवेयर की जगह गूगल की विंडो खुल गई। इससे अभ्यर्थियों में असमंजस फैला और सेंटर पर हंगामा हो गया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी।
प्रज्ञा मंडपम सेंटर में 915 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था थी, जिनमें से 899 ने परीक्षा दी। प्रभावित ज्यादातर अभ्यर्थी दूसरी मंजिल पर बैठे थे। उन्होंने परीक्षा की सुरक्षा और शुचिता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
NBEMS का आधिकारिक रुख
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने आधिकारिक रूप से तकनीकी व्यवधान की पुष्टि केवल राजस्थान के जयपुर स्थित सिटापुरा के दो केंद्रों के लिए की है। वहां आंतरिक बिजली आपूर्ति की समस्या के कारण 2,445 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। इनके लिए 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे जयपुर में दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया गया है।

देशभर में 2,73,096 उम्मीदवार पंजीकृत थे। 1,111 केंद्रों पर परीक्षा हुई, जिसमें 2,65,980 अभ्यर्थी शामिल हुए और करीब 2,63,535 की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई।
सुरक्षा व्यवस्था और सवाल
कंप्यूटर आधारित परीक्षा में निर्धारित सॉफ्टवेयर के अलावा कोई अन्य विंडो खुलने से अभ्यर्थियों में सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है लेकिन गूगल विंडो दिखाई देना अपने आप में हैकिंग का सबूत नहीं माना जा सकता। NBEMS ने लाइव सीसीटीवी, आधार प्रमाणीकरण और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की थीं।
प्रज्ञा मंडपम सेंटर इस साल फरवरी में करीब 1,000 कंप्यूटर क्षमता के साथ शुरू हुआ था। बिलासपुर की घटना की जांच और तकनीकी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।








