attacks on Christian communities : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में भारत के कई राज्यों में ईसाई प्रार्थना सभाओं और चर्चों से जुड़ी हिंसा तथा व्यवधान की घटनाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल में मई के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई, पश्चिम बंगाल के कई जिलों में ईसाई प्रार्थना सभाओं, निजी घरों में आयोजित प्रार्थना और चर्चों में तोड़फोड़ तथा मारपीट के आरोप लगे हैं। इन घटनाओं में अक्सर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया जाता है।
जून 2026 (रानीगंज, पश्चिम बर्धमान) : विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के सदस्यों पर रविवार की प्रार्थना सभा में घुसकर व्यवधान डालने और बाइबिल छीनने का आरोप। उन्होंने हिंदू महिलाओं के जबरन धर्मांतरण का दावा किया। कुछ महिलाओं ने स्वेच्छा से धर्म अपनाने की बात कही, जिसके बाद कथित धमकियां दी गईं। करीब 25 लोगों को पुलिस के हवाले किया गया।
जुलाई 2026 : दक्षिण 24 परगना के सुभाषग्राम में निर्माणाधीन चर्च पर भीड़ का हमला, क्रॉस तोड़े गए। पूर्वी बर्धमान के फरीदपुर में ग्रेस चर्च पर प्रार्थना के दौरान मारपीट और सामान लूटने के आरोप। बैंकुरा और पश्चिम मेदिनीपुर में भी प्रार्थना सभाओं में व्यवधान की खबरें आईं। बंगीय क्रिस्तीय परिषेबा (बीसीपी) ने इन घटनाओं को व्यवस्थित बताया।
अगस्त 2026: मेदिनीपुर में निजी प्रार्थना सभा में घुसकर मारपीट के आरोप। कुछ ईसाई श्रद्धालुओं (महिलाएं समेत) को धर्मांतरण के आरोप में हिरासत में लिया गया, बाद में कुछ को जमानत मिली। पादरियों पर हमले और धमकियों की भी खबरें आईं।
रिपोर्ट्स में मुख्य रूप से वीएचपी, बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच जैसे संगठनों के नाम आए हैं। ईसाई संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभाओं में घुसकर तोड़फोड़ की जाती है और फिर धर्मांतरण के आरोप लगाकर पीड़ितों पर केस दर्ज कराए जाते हैं। दूसरी ओर, हमला करने वाले पक्ष का दावा है कि वे अवैध धर्मांतरण रोक रहे हैं। पश्चिम बंगाल में अभी एंटी-कन्वर्जन कानून नहीं है।
एंटी-कन्वर्जन कानून के बाद छत्तीसगढ़ में हुई घटनाएं
छत्तीसगढ़ में भी 2026 में प्रार्थना सभाओं पर हमले और धर्मांतरण संबंधी विवाद सामने आए हैं। राज्य में मार्च 2026 में संशोधित एंटी-कन्वर्जन कानून लागू होने के बाद की घटनाएं –
31 मई 2026 (सद्रापाल गांव, सुकमा जिला) : रविवार की प्रार्थना सभा के दौरान भीड़ ने हमला किया। करीब 25-30 ईसाई घायल हुए, जिनमें गर्भवती महिला भी शामिल थी। कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने डंडे, कुल्हाड़ी और हंसिया जैसे हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप है। कुछ आरोपियों को बाद में जमानत मिली।
अगस्त 2026 (रायपुर और अन्य जगहें) : रायपुर में निजी प्रार्थना सभा में बजरंग दल के सदस्यों द्वारा व्यवधान डालने के बाद कुछ ईसाई महिलाओं को धर्मांतरण के आरोप में हिरासत में लिया गया। अन्य जिलों में भी प्रार्थना सभाओं में घुसपैठ, धमकियां और गिरफ्तारियों की खबरें आईं। कुछ जगहों पर ईसाई परिवारों को गांव छोड़ने या धार्मिक गतिविधियां बंद करने के लिए मजबूर करने के आरोप लगे।









