नई दिल्ली। झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CJL) परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम करेगी। परीक्षा कैसे होनी चाहिए, इसका पहले से ही एसओपी बना हुआ है। अगर एसओपी का पालन होता तो ये गड़बड़ियां नहीं होतीं। उस रिफॉर्म में कुछ और बेहतर चीजें जोड़ी जाएंगी। रिफॉर्म के लिए आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का निर्णय लिया है।
झारखंड में काफी समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार ने मान लिया है, जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र जश्न मनाते नजर आए।ट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि टीडीपीएल की ओर से प्रकाशित रिजल्ट और टीडीपीएल की सभी गतिविधियां रद्द की जाती हैं।
जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं की जांच
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद ये निर्णय लिया गया। बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 14वीं जेपीएससी पीटी और बैकलॉग सिविल सर्विस परीक्षा रद्द करने का निर्णय पूर्व में ही आंदोलित छात्रों के साथ वार्ता के दौरान लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब वर्ष 2014 से लेकर वर्तमान समय तक जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है।
भाजपा सरकार की गड़बड़ियों की भी होगी जांच
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज कैबिनेट ने जेएसएससी सीजीएल को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। 2014 से जितनी भी छोटी-बड़ी गलतियां हुई हैं, सभी की जांच होगी।आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों का अध्ययन करेगी और आवश्यक सुझाव देगी। इसके अलावा सरकार ने राज्य के लोगों से भी परीक्षा सुधार को लेकर सुझाव मांगे हैं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नई परीक्षा व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहे। परीक्षा संचालन से लेकर प्रश्नपत्र की सुरक्षा, एजेंसियों की भूमिका, मूल्यांकन और परिणाम तक पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली में व्यापक फेरबदल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए मजबूत कानून बनाया है और उसे लागू करने की क्षमता भी रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हित, उनके भविष्य और उनके विश्वास को किसी भी परिस्थिति में डगमगाने नहीं देना चाहती। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के दौरान मंत्रियों के साथ छात्रों की पहले हुई बैठकों में परीक्षा सुधार से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए उन सहमत बिंदुओं को लागू करेगी। छात्र लोग अनशन करते रहेंगे।










