नेशनल ब्यूरो। नईदिल्ली
गुजरात के गांधीनगर में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंगलवार को पत्रकार रवि नायर को अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी ठहराया है और उन्हें एक साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह मामला अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की शिकायत पर आधारित है। कंपनी ने आरोप लगाया था कि रवि नायर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट प्रकाशित और प्रसारित कीं, जिनमें झूठे और मानहानिकारक बयान थे, जिनका उद्देश्य कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था।
कंपनी का कहना था कि ये पोस्ट न तो उचित टिप्पणी थीं और न ही वैध आलोचना, बल्कि कंपनी की विश्वसनीयता को जनता और निवेशकों की नजर में कमजोर करने के लिए जानबूझकर की गई थीं।
कोर्ट ने मानहानि का अपराध साबित होने की बात कही। अदालत ने कहा कि नायर के एक पत्रकार और सार्वजनिक टिप्पणीकार होने के नाते डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिए गए बयानों की पहुंच और प्रभाव के प्रति सजग रहने की उम्मीद की जाती है, खासकर जब वे प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले स्पष्ट आरोप लगाते हैं।
कोर्ट ने प्रोबेशन का लाभ देने से इनकार कर दिया और कहा कि नायर एक परिपक्व व्यक्ति हैं, जो अपने कार्यों के परिणामों से अवगत थे। प्रोबेशन देने से कानून का निवारक प्रभाव कमजोर होगा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में गलत संदेश जाएगा।
कोर्ट ने फैसला दिया कि साधारण कैद के साथ वित्तीय जुर्माना अपराध की गंभीरता को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। सजा के फैसले पर टिप्पणी करते हुए पत्रकार रवि नायर ने फैज अहमद फैज की एक कविता का जिक्र किया और कहा: ‘हम देखेंगे।’
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