नई दिल्ली। पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे (General Naravane) ने अपनी किताब को लेकर पेंगुइन के स्टैंड को ही अपना स्टैंड माना है। उन्होंने पेंगुइन के ट्वीट को शेयर करते हुए कहा हैं कि उनकी किताब की मौजूदा स्थिति यह है। इसके पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेंगुइन इंडिया को लानत भेजते हुए कहा था कि हम अपने जनरल के साथ खड़े हैं।
इसके पहले पेंगुइन ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया था, ‘अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है। हमारी तरफ से किताब का कोई भी हिस्सा कहीं भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि राहुल गांधी के हाथ में जो किताब थी उस पर पेंगुइन का लोगो देखा गया।’
महत्वपूर्ण है कि किताब के प्रसार को स्वतः संज्ञान में लेते हुए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एफआईआर दर्ज की है। पेंगुइन की सफाई इसलिए आई है क्योंकि किताब की अनाधिकृत कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा किया जा रहा है।
इंडिया टुडे का खुलासा
एक खुलासा इंडिया टुडे ने किया है। इंडिया टुडे डिजिटल ने पुष्टि की है कि जनरल नरवणे के संस्मरण, ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की प्रकाशित प्रतियां दिल्ली के बुकस्टोर्स तक पहुंच गई थीं, लेकिन बाद में उन्हें वापस मंगा लिया गया।
इंडिया टुडे का कहना था कि प्रकाशन उद्योग से बाहर के एक व्यक्ति से भी बात की गई है, जिसने दिल्ली के एक लोकप्रिय बुकस्टोर में ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की प्रतियां बिक्री के लिए तैयार देखी हैं।
‘हमने किताब के लिए सैकड़ों प्री-ऑर्डर लिए थे। हमारे वफादार ग्राहक ऐसा करते हैं। लेकिन एक विवाद हुआ और हमें किताबें प्रकाशक को वापस करनी पड़ीं,’ नई दिल्ली के एक पुराने बुकस्टोर के एक कर्मचारी ने यह बात इंडिया टुडे को बताई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि किताब अप्रैल 2024 में निर्धारित लॉन्च से काफी पहले प्रकाशित हो गई थी।
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